उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरिडोर का भूमि पूजन, मालवा के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

मध्यप्रदेश में सड़क अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरिडोर परियोजना का भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मालवा क्षेत्र अपनी सांस्कृतिक पहचान, उद्यमशीलता और मेहनतकश लोगों के लिए पूरे देश में जाना जाता है। सरकार इस क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार बड़े फैसले ले रही है और यह नई सड़क परियोजना उसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
करीब 98.73 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरिडोर का निर्माण लगभग 5,017 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना केवल उज्जैन और जावरा को जोड़ने वाला मार्ग नहीं होगी, बल्कि पूरे मालवा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देने का माध्यम बनेगी। सड़क बनने के बाद यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक होगी। इससे परिवहन लागत में कमी आएगी, व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों को भी अपने उत्पाद बाजार तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को देखते हुए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर 2027 तक इस सड़क का निर्माण पूरा कर लिया जाए ताकि देश और विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह कॉरिडोर सिंहस्थ के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और भविष्य में भी क्षेत्रीय विकास का मजबूत आधार बनेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई नई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने उज्जैन-जावरा के पुराने सड़क मार्ग के चौड़ीकरण को मंजूरी देने के साथ नागदा और खाचरौद को फोरलेन सड़क के माध्यम से रतलाम से जोड़ने की घोषणा की। इसके अलावा खाचरौद में नई मटर मंडी के लिए अतिरिक्त सरकारी भूमि उपलब्ध कराने, फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने, अटलावदा-निनावटखेड़ा क्षेत्र में चंबल नदी पर नया बांध बनाने तथा नागदा में नया आईटीआई केंद्र खोलने की भी घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आधुनिक और विश्वस्तरीय अधोसंरचना विकसित करने के लिए लगातार निवेश कर रही है। बेहतर सड़क नेटवर्क से निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, नए उद्योग स्थापित होंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में औद्योगिकीकरण और अधोसंरचना विकास को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।
उन्होंने किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार कृषि के साथ-साथ फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को भी बढ़ावा दे रही है। मालवा क्षेत्र में मटर प्रोसेसिंग यूनिट और उज्जैन में स्थापित होने वाले फूड इंडस्ट्री पार्क से किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। सरकार का उद्देश्य किसानों की आय में स्थायी वृद्धि करना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश का विकास केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को भी आधुनिक सड़क, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इसी क्रम में नागदा में केंद्रीय विद्यालय का शुभारंभ किया गया, जहां शुरुआती चरण में पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित होंगी। इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए जन सेवा प्रहरी अभियान की शुरुआत भी की गई, जिसमें स्थानीय स्वयंसेवकों को प्राथमिक उपचार और सीपीआर का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना उज्जैन जिले के 50 और रतलाम जिले के 12 गांवों सहित लगभग 35 लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगी। कॉरिडोर के निर्माण में फ्लाईओवर, रेल ओवरब्रिज, बड़े और मध्यम पुल, अंडरपास, ओवरपास तथा सैकड़ों पुलियाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से तेज संपर्क मिलेगा, जिससे मालवा क्षेत्र में औद्योगिक, कृषि, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी तथा प्रदेश के विकास को दीर्घकालिक मजबूती प्राप्त होगी।
