जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की दमदार मौजूदगी, वैश्विक नेताओं संग करेंगे अहम मुद्दों पर मंथन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस के एवियन शहर पहुंच गए हैं, जहां दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक नेताओं का महत्वपूर्ण जमावड़ा हो रहा है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया अनेक आर्थिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में भारत की भूमिका और दृष्टिकोण को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की विशेष रुचि बनी हुई है। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रभावशीलता और कूटनीतिक सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है।

एवियन पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने वैश्विक नेताओं के साथ संवाद को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के सामने मौजूद महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान केवल सहयोग, संवाद और साझा प्रयासों से ही संभव है। भारत लंबे समय से वैश्विक शांति, सतत विकास, आर्थिक समृद्धि और बहुपक्षीय सहयोग का समर्थक रहा है और इसी सोच के साथ वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है।

इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने स्विट्जरलैंड में भी संक्षिप्त प्रवास किया, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच मजबूत होते संबंधों और सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर सकारात्मक चर्चा हुई। इसके बाद प्रधानमंत्री फ्रांस के लिए रवाना हुए, जहां जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान उनका कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहने वाला है।

जी-7 मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की यह लगातार सातवीं उपस्थिति है, जो भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाती है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी सक्रिय भूमिका के माध्यम से एक जिम्मेदार और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में पहचान बनाई है। वैश्विक दक्षिण के देशों की चिंताओं और अपेक्षाओं को दुनिया के सामने रखने में भी भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। यही कारण है कि इस मंच पर भारत की मौजूदगी को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री कई उच्चस्तरीय बैठकों और कार्य सत्रों में भाग लेंगे। इन बैठकों में वैश्विक आर्थिक विकास, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी सहयोग, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सतत विकास जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में उभर रही चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी कई प्रमुख देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत के लिए यह अवसर अपने प्रमुख साझेदार देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने तथा नए सहयोग क्षेत्रों की तलाश करने का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।

यात्रा का सबसे चर्चित पहलू विश्व नेताओं के साथ होने वाली उच्चस्तरीय मुलाकातें हैं, जिन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। इन बैठकों के माध्यम से भारत वैश्विक मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण को मजबूती से रख सकता है और विभिन्न देशों के साथ सहयोग को नई दिशा दे सकता है।

कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भागीदारी भर नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका, उसकी कूटनीतिक सक्रियता और विश्व मंच पर उसके प्रभाव को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

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