डिलीवरी ब्रांडिंग हटने पर राघव चड्ढा ने जताया संतोष, बताया गिग वर्कर्स की बड़ी जीत

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने क्विक-कॉमर्स कंपनियों द्वारा ‘10-मिनट डिलीवरी’ ब्रांडिंग हटाने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे देशभर के डिलीवरी राइडर्स और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सड़कों पर होने वाले हादसों को कम करने और गिग वर्कर्स पर पड़ने वाले अनावश्यक दबाव को खत्म करने में मदद करेगा।
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए लिखा,
“सत्यमेव जयते। यह हम सबकी सामूहिक जीत है। मैं केंद्र सरकार का आभारी हूं कि उसने क्विक-कॉमर्स कंपनियों को ‘10-मिनट डिलीवरी’ ब्रांडिंग हटाने के लिए समय रहते संवेदनशील और ठोस कदम उठाया।”
उन्होंने कहा कि जब किसी डिलीवरी राइडर की टी-शर्ट, जैकेट या बैग पर “10 मिनट” लिखा होता है और ग्राहक की स्क्रीन पर टाइमर चलता है, तो यह राइडर पर लगातार मानसिक दबाव बनाता है। यह दबाव न केवल उनके काम को प्रभावित करता है, बल्कि उनकी जान को भी खतरे में डाल देता है।
चड्ढा ने बताया कि बीते कुछ महीनों में उन्होंने सैकड़ों गिग वर्कर्स से बातचीत की है। उनके अनुसार, ज्यादातर डिलीवरी वर्कर्स को अधिक काम करना पड़ता है, लेकिन उसके मुकाबले उन्हें कम भुगतान मिलता है। साथ ही उन्हें एक अवास्तविक समय सीमा के भीतर डिलीवरी करने के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे उन्हें तेज रफ्तार में वाहन चलाने और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करनी पड़ती है।
उन्होंने लिखा,
“कई वर्कर्स अपनी जान जोखिम में डालकर इन असंभव वादों को पूरा करने की कोशिश करते हैं। यह न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि अमानवीय भी है।”
राघव चड्ढा ने इस मुद्दे पर समर्थन देने वाले नागरिकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि लोगों ने इंसानी जिंदगी, सुरक्षा और सम्मान के पक्ष में मजबूती से आवाज उठाई है। उन्होंने गिग वर्कर्स को भरोसा दिलाते हुए कहा,
“आप अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ खड़े हैं।”
इससे पहले मंगलवार को केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी और जोमैटो जैसी प्रमुख क्विक-कॉमर्स कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में सरकार ने कंपनियों को सलाह दी कि वे डिलीवरी वर्कर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सख्त समय सीमाओं को खत्म करें।
बैठक के बाद कंपनियों ने सरकार को आश्वासन दिया कि वे अपने विज्ञापनों, मोबाइल ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से डिलीवरी टाइम लिमिट जैसे दावे हटा देंगी। इसी कड़ी में ब्लिंकिट ने तुरंत प्रभाव से अपने सभी प्लेटफॉर्म से 10-मिनट डिलीवरी क्लेम हटाने की घोषणा कर दी।
गौरतलब है कि राघव चड्ढा पिछले कई दिनों से गिग वर्कर्स की समस्याओं को लेकर सक्रिय रहे हैं। इन समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझने के लिए उन्होंने हाल ही में एक डिलीवरी वर्कर के साथ पूरा दिन बिताया और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। इस पहल के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
सरकार और कंपनियों के इस फैसले को गिग इकोनॉमी में काम करने वाले लाखों युवाओं के लिए राहत की बड़ी खबर माना जा रहा है।
