दिल्ली में 70 लाख पौधे लगाने के महाअभियान की शुरुआत, राजधानी को और हराभरा बनाने की बड़ी पहल

amit-shah-10-11-24-5

दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को नई गति देने के उद्देश्य से एक बड़े वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस पहल के तहत राजधानी में 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे दिल्ली के हरित आवरण को और मजबूत बनाया जा सके। इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं है, बल्कि लोगों को प्रकृति से जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण को एक जन आंदोलन का रूप देना भी है। इस विशेष कार्यक्रम के तहत राजधानी के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा, जिसमें सरकारी विभागों के साथ-साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

नई दिल्ली नगर पालिका परिषद ने इस अभियान के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। राजधानी के 34 अलग-अलग स्थानों पर मेगा वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। परिषद ने इस चरण में लगभग 600 बड़े पौधे और 50 हजार झाड़ियों के रोपण का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए पहले से ही हजारों गड्ढों की तैयारी की जा चुकी है ताकि पौधों का रोपण व्यवस्थित तरीके से किया जा सके और उनकी बेहतर देखभाल भी सुनिश्चित हो।

अभियान के दौरान ऐसे वृक्षों का चयन किया गया है जो पर्यावरण के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ स्थानीय जलवायु के अनुरूप भी हैं। इनमें पीपल, नीम, जामुन, इमली, चंपा, अशोक, गुलमोहर और अमलतास जैसे देशी वृक्ष शामिल हैं। ये पौधे न केवल वायु को शुद्ध करने में मदद करेंगे बल्कि आने वाले वर्षों में राजधानी की जैव विविधता को भी समृद्ध बनाएंगे। इसके अलावा विभिन्न प्रकार की सजावटी और देशी झाड़ियां भी लगाई जाएंगी, जिनमें हैमेलिया, जस्टिसिया, कैना, लिली और मुर्रेया जैसी प्रजातियां शामिल हैं। इनसे शहर के पार्कों और सार्वजनिक स्थलों की सुंदरता भी बढ़ेगी।

इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसे केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन, स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी और पौधों की देखभाल में भी सामुदायिक सहयोग मिलेगा।

परिषद लंबे समय से नियमित रूप से वृक्षारोपण अभियान चलाती रही है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान के माध्यम से लगातार कई सप्ताह तक पौधे लगाए गए और लोगों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय पर्वों, विशेष आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के अवसर पर भी नियमित रूप से पौधरोपण किया जाता रहा है। इस निरंतर प्रयास का सकारात्मक प्रभाव राजधानी के हरित क्षेत्रों में साफ दिखाई देता है।

वर्तमान में परिषद लगभग 1,450 एकड़ हरित क्षेत्र का रखरखाव कर रही है। इसके अंतर्गत बड़े पार्क, कॉलोनी पार्क, स्कूल परिसर, बाजार क्षेत्र, गोलचक्कर और सड़क किनारे विकसित हरित पट्टियां शामिल हैं। राजधानी के कुल भौगोलिक क्षेत्र का अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा होने के बावजूद यह क्षेत्र दिल्ली के हरित आवरण में महत्वपूर्ण योगदान देता है। यही कारण है कि यह क्षेत्र राजधानी के सबसे विकसित और हरित इलाकों में गिना जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और प्रदूषण के बीच इस तरह के व्यापक वृक्षारोपण अभियान भविष्य के लिए बेहद आवश्यक हैं। यदि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाए और नागरिक भी इसमें सक्रिय सहयोग दें, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार, तापमान में कमी और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में उल्लेखनीय मदद मिल सकती है। यह अभियान केवल हरियाली बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, स्वस्थ और बेहतर वातावरण तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed