धान किसानों के लिए बड़ी सौगात: मध्य प्रदेश में धान पर मिलेगा भावांतर योजना का लाभ, हजारों किसानों को बोनस और विकास परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी में आयोजित राज्य स्तरीय धान महोत्सव के दौरान किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि राज्य सरकार अब धान उत्पादक किसानों को भी भावांतर योजना का लाभ देगी। इसके तहत यदि बाजार में धान का मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम रहता है तो दोनों के बीच का अंतर सरकार किसानों के खातों में सीधे जमा करेगी। उन्होंने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि समाज और देश की समृद्धि की सबसे मजबूत नींव हैं। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तो प्रदेश और देश दोनों तेजी से विकास करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकौशल क्षेत्र अपनी उत्कृष्ट धान उत्पादन क्षमता के लिए देशभर में प्रसिद्ध है और यहां की छत्रिय धान को हाल ही में भौगोलिक संकेतक यानी जीआई टैग मिलने से इस क्षेत्र की पहचान और मजबूत हुई है। उन्होंने इसे प्रदेश की पारंपरिक कृषि विरासत को मिला वैश्विक सम्मान बताया। कार्यक्रम के दौरान रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 3941 किसानों के खातों में कोदो-कुटकी पर एक हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से करीब 2.84 करोड़ रुपये की बोनस राशि भी हस्तांतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार श्रीअन्न उत्पादन को लगातार बढ़ावा दे रही है और पहली बार सरकारी स्तर पर कोदो-कुटकी की खरीद शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इन फसलों की ब्रांडिंग, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग को और मजबूत किया जाएगा ताकि किसानों को बेहतर बाजार और अधिक आय मिल सके। साथ ही प्रदेश में श्रीअन्न अनुसंधान और वैल्यू चेन विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना के तहत 16 हजार 754 से अधिक श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ रुपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से उनके खातों में भेजी गई। इसके अलावा लगभग 494 करोड़ रुपये की लागत से 629 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन कर सिवनी जिले को कई नई सौगातें दी गईं। इनमें सड़क, शिक्षा, खेल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े अनेक विकास कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने बालाघाट से सिवनी तक फोरलेन सड़क निर्माण की घोषणा भी की। इसके साथ ही छपारा क्षेत्र के ग्राम चमारी में शासकीय महाविद्यालय, ग्राम सागर से खटकर तक पक्की सड़क, ग्राम छिड़िया पलारी में नगर वन और जिले की प्रत्येक विधानसभा में एक-एक मिनी स्टेडियम के निर्माण का भी ऐलान किया। उन्होंने लोगों से स्कूल चलो अभियान में भाग लेकर सभी बच्चों का स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित करने की अपील भी की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और फसल विविधीकरण को बढ़ावा दे रही है ताकि किसानों की आय के नए स्रोत तैयार हो सकें। मुख्यमंत्री ने किसानों से मौसम की अनिश्चितताओं को देखते हुए पारंपरिक खेती के साथ श्रीअन्न जैसी फसलों की खेती बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और किसानों को समय पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। साथ ही किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों को रियायती दर पर बिजली कनेक्शन सहित कई योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री स्वयं खेत में उतरकर किसानों के साथ धान की रोपाई करने पहुंचे। उन्होंने पारंपरिक तरीके से धान रोपकर किसानों का उत्साह बढ़ाया और कहा कि यह उनके जीवन का पहला अनुभव था, जिसने उन्हें बेहद आनंदित किया। ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाकर पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ खेत में बैठकर पारंपरिक भोजन ‘सिदोरी’ का स्वाद भी लिया और उनसे खेती-किसानी से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने खेत की मेड़ पर आम का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए हर संभव कदम उठाती रहेगी।
