नरेला विधानसभा के लिए बड़ा विजन, विश्वास सारंग बोले- देश की सबसे स्वच्छ विधानसभा बनाने का लक्ष्य

भोपाल की नरेला विधानसभा को स्वच्छ, आधुनिक और सुविधायुक्त क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने नई कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंत्रालय में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, विभिन्न मंडलों के पदाधिकारियों और नगर निगम अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर विकास कार्यों की प्रगति का आकलन किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना, अधोसंरचना को मजबूत करना और क्षेत्र की समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना रहा।
बैठक के दौरान मंत्री ने नरेला विधानसभा के सभी वार्डों में जलभराव, पेयजल आपूर्ति, ड्रेनेज व्यवस्था, सड़क निर्माण एवं मरम्मत, स्वच्छता और विद्युत आपूर्ति जैसे मूलभूत विषयों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड का विस्तृत सर्वे कराया जाए, ताकि वास्तविक समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए समयबद्ध और प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक नागरिक तक सरकारी सुविधाओं का लाभ समय पर पहुंचना चाहिए।
विश्वास सारंग ने नरेला विधानसभा को देश की सबसे स्वच्छ विधानसभा बनाने का लक्ष्य भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक सामाजिक आंदोलन है। इसी सोच के साथ हर वार्ड, गली और मोहल्ले में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। नगर निगम, सामाजिक संगठनों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के सहयोग से ऐसा मॉडल तैयार किया जाएगा, जिसे भविष्य में देश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी उदाहरण माना जा सके।
बैठक में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मंत्री ने बताया कि नरेला विधानसभा के प्रत्येक वार्ड में मातृ-पितृ सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक और सक्रिय जीवन का वातावरण उपलब्ध कराना है। यहां पुस्तकालय, कैरम, शतरंज, फिटनेस गतिविधियां और सामाजिक संवाद के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे बुजुर्ग अपने अनुभव नई पीढ़ी के साथ साझा कर सकेंगे और समाज में सकारात्मक सहभागिता निभा पाएंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता का स्थान सर्वोच्च है और उनकी सेवा एवं सम्मान समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
मंत्री ने यह भी कहा कि नरेला विधानसभा के समग्र विकास के लिए केवल बुनियादी सुविधाओं तक ही सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि खेल, सामाजिक और सांस्कृतिक अधोसंरचना को भी मजबूत किया जाएगा। क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, पार्क और सामुदायिक भवन विकसित किए जाएंगे ताकि युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिलें और स्थानीय लोगों को सामाजिक गतिविधियों के लिए आधुनिक स्थान उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही प्रमुख मंदिरों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। प्रत्येक परियोजना निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी हो और नागरिकों को उसका लाभ शीघ्र मिले, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
विश्वास सारंग ने विश्वास जताया कि प्रशासन और आम जनता के सहयोग से नरेला विधानसभा आने वाले समय में विकास, स्वच्छता और सुशासन का नया उदाहरण बनेगी। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि ऐसा जीवन परिवेश तैयार करना है जहां नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों। जनसहभागिता और प्रभावी प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से नरेला विधानसभा को राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा।
