पीएम मोदी और नेटफ्लिक्स की नई पहल, भारतीय कहानियों को मिलेगा वैश्विक मंच, एनीमेशन-VFX और गेमिंग सेक्टर को बड़ी ताकत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेटफ्लिक्स के सह-सीईओ टेड सारंडोस के साथ हुई मुलाकात के दौरान भारत के तेजी से बढ़ते मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक में भारतीय कहानियों की वैश्विक पहुंच, डिजिटल कंटेंट उद्योग के विस्तार और नई पीढ़ी के रचनाकारों के लिए अवसरों को लेकर कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की कहानी कहने की परंपरा सदियों पुरानी है और यहां की सांस्कृतिक विविधता, रचनात्मक सोच तथा प्रतिभा देश को दुनिया का प्रमुख कंटेंट निर्माण केंद्र बनाने की क्षमता रखती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय कहानियां केवल देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पूरी दुनिया के दर्शकों को अपनी संस्कृति, भावनाओं और मूल्यों से जोड़ने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारतीय कंटेंट को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए यह सही समय है। उन्होंने इस दिशा में निजी क्षेत्र और रचनात्मक उद्योगों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।

बैठक के दौरान नेटफ्लिक्स ने भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘Netflix India Storytelling Initiative’ की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य भारत के उभरते कलाकारों, लेखकों, एनीमेटर्स, गेम डेवलपर्स और विजुअल इफेक्ट्स विशेषज्ञों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। कंपनी का मानना है कि भारत में मौजूद प्रतिभा आने वाले वर्षों में वैश्विक मनोरंजन उद्योग को नई दिशा दे सकती है।

इस पहल के पहले चरण में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT) के साथ मिलकर उद्योग की जरूरतों के अनुरूप विशेष पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इनमें विजुअल इफेक्ट्स, मीडिया टेक्नोलॉजी, कैरेक्टर एनीमेशन, इंटरएक्टिव कॉमिक्स, वर्चुअल आर्ट, ई-स्पोर्ट्स और गेमिंग मैनेजमेंट जैसे आधुनिक विषय शामिल होंगे। इसके साथ ही प्रतिभाशाली भारतीय छात्रों को छात्रवृत्ति देकर उन्हें उन्नत प्रशिक्षण और करियर के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

टेड सारंडोस ने कहा कि भारत हमेशा से उत्कृष्ट कहानीकारों का देश रहा है और यहां की कहानियों ने पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के करोड़ों दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि नेटफ्लिक्स का सबसे बड़ा निवेश केवल तकनीक में नहीं बल्कि उन रचनात्मक लोगों में होगा जो भविष्य की भारतीय कहानियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाएंगे। उनका मानना है कि भारतीय कंटेंट की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और इसमें अभी भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

इस पहल का दूसरा चरण फिल्मों और वेब सीरीज को दिव्यांगजनों के लिए अधिक सुलभ बनाने पर केंद्रित रहेगा। इसके तहत नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NFDC) के सहयोग से ऑडियो डिस्क्रिप्शन राइटर्स और वॉयस प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि दृष्टिबाधित और अन्य विशेष आवश्यकताओं वाले दर्शक भी मनोरंजन सामग्री का बेहतर अनुभव प्राप्त कर सकें। इससे समावेशी डिजिटल मनोरंजन को बढ़ावा मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और टेड सारंडोस की यह मुलाकात भारत के मीडिया और मनोरंजन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इससे एनीमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग, डिजिटल कंटेंट और वेब सीरीज जैसे क्षेत्रों में रोजगार, कौशल विकास और नवाचार को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही भारतीय कहानियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने से देश का क्रिएटिव इकोसिस्टम और अधिक मजबूत होगा तथा भारत वैश्विक कंटेंट निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकेगा।

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