पीथमपुर में किसान इरिगेशन की नई यूनिट का उद्घाटन, सीएम मोहन यादव बोले- उद्योग और कृषि मिलकर बदलेंगे मध्य प्रदेश की तस्वीर

मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश को औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में किसान इरिगेशन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की चौथी अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पीथमपुर आज मध्य प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का प्रमुख केंद्र बन चुका है और यहां स्थापित होने वाले नए उद्योग प्रदेश के आर्थिक विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को बेहतर सुविधाएं, निवेश के अनुकूल माहौल और आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उनका उद्देश्य केवल औद्योगिक निवेश बढ़ाना नहीं है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना और किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि उद्योग और कृषि का बेहतर समन्वय मध्य प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नई फैक्ट्री का निरीक्षण किया और आधुनिक मशीनों से पाइप निर्माण की पूरी प्रक्रिया को करीब से देखा। उन्होंने कंपनी द्वारा तैयार किए जा रहे आधुनिक सिंचाई उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि जल संरक्षण और बेहतर सिंचाई व्यवस्था आज खेती की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर सिस्टम और आधुनिक पाइप तकनीक किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त करने में मदद करेगी। इससे जल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और खेती अधिक टिकाऊ एवं लाभदायक बन सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक सिंचाई उपकरणों के बढ़ते उपयोग से किसानों की लागत कम होगी और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में इस प्रकार की तकनीक आने वाले समय में कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
नई विनिर्माण इकाई के शुरू होने से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही कृषि, सिंचाई और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए आधुनिक गुणवत्ता वाले उत्पादों की उपलब्धता भी बढ़ेगी, जिससे प्रदेश के विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी।
कंपनी प्रबंधन ने बताया कि पिछले चार दशकों से यह संस्थान सिंचाई और जल प्रबंधन से जुड़े उत्पादों का निर्माण कर रहा है। वर्तमान में इसकी अधिकांश उत्पादन इकाइयां पीथमपुर में संचालित हैं, जहां पीवीसी, एचडीपीई, सीपीवीसी और यूपीवीसी पाइप्स के साथ विभिन्न सिंचाई प्रणालियों का निर्माण किया जाता है। नई इकाई में एचडीपीई और डीडब्ल्यूसी पाइप्स का उत्पादन किया जाएगा, जिनका उपयोग कृषि, जल निकासी और आधारभूत ढांचा परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में निवेश बढ़ने के साथ औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिल रही है। सरकार ऐसी परियोजनाओं को प्रोत्साहित कर रही है जो रोजगार बढ़ाने, किसानों को आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में पीथमपुर देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में और अधिक मजबूत पहचान बनाएगा तथा मध्य प्रदेश निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास का नया मॉडल बनकर उभरेगा।
