प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में NDA की ‘मंगल मिलन’ बैठक, रणनीति से लेकर संसद के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा

संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) संसदीय दल की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने इसे विशेष महत्व प्रदान किया। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित गठबंधन के कई वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने भाग लिया। संसद लाइब्रेरी बिल्डिंग के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित इस बैठक का उद्देश्य संसद के मौजूदा सत्र, राजनीतिक परिस्थितियों और सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा करना रहा।
बैठक के दौरान गठबंधन के सांसदों के बीच विभिन्न राष्ट्रीय और संसदीय विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। माना जा रहा है कि आगामी संसदीय रणनीति, विपक्ष के रुख और सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने पर भी चर्चा की गई। संसद का मानसून सत्र इस समय कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर चर्चा के केंद्र में है, ऐसे में गठबंधन के भीतर बेहतर समन्वय और साझा रणनीति तैयार करना इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य माना गया।
इस बैठक की एक खास बात यह रही कि नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय पहली बार NDA संसदीय दल की बैठक में शामिल हुए। संसद लाइब्रेरी बिल्डिंग पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि वह पहली बार इस बैठक का हिस्सा बन रहे हैं और देश के सबसे वरिष्ठ सांसदों में से एक होने के नाते गठबंधन के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी सदस्य संगठन के निर्णयों के साथ खड़े हैं।
हालांकि, पिछले सप्ताह हुई ‘मंगल मिलन’ बैठक में NCPI के तीन सांसदों की अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया था। अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान उस बैठक में शामिल नहीं हुए थे। इसके बाद गठबंधन और पार्टी के भीतर मतभेदों की अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, पार्टी की ओर से इन अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया गया कि संगठन पूरी तरह एकजुट है और किसी तरह का आंतरिक विवाद नहीं है।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच यह भी उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस के कई बागी सांसदों ने पार्टी छोड़कर NCPI का दामन थामा और NDA को समर्थन देने का फैसला किया। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की चर्चा लगातार जारी है और इसी कारण NCPI की भूमिका पर भी विशेष नजर बनी हुई है।
बैठक के समापन सत्र में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में गठबंधन के सांसदों को संबोधित किया। उन्होंने संसद के भीतर समन्वय, अनुशासन और प्रभावी भागीदारी पर जोर दिया। इसके अलावा केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल के मुक्त व्यापार समझौतों की उपलब्धियों, भारत की आर्थिक रणनीति और वैश्विक व्यापार में देश की बढ़ती भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन समझौतों से भारत के निर्यात, निवेश और रोजगार के अवसरों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
वहीं केंद्रीय पंचायती राज तथा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने मत्स्य पालन क्षेत्र में सरकार की योजनाओं, उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
संसद का मौजूदा मानसून सत्र कई संवेदनशील और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दों के कारण लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। परीक्षा सुधार, छात्रों से जुड़े मामलों, विपक्ष के विरोध और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों के बीच आयोजित यह ‘मंगल मिलन’ बैठक गठबंधन के भीतर बेहतर समन्वय और आगे की रणनीति तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर NDA की राजनीतिक गतिविधियों पर इस बैठक के प्रभाव को लेकर भी व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
