भाजपा की प्रतिष्ठा और प्रशांत किशोर की चुनौती पर टिकी सबकी नजर

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बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना सुबह निर्धारित समय पर शुरू हो गई। राजधानी पटना स्थित एएन कॉलेज में बनाए गए मतगणना केंद्र पर सुबह आठ बजे सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती शुरू की गई। इसके लगभग आधे घंटे बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में दर्ज मतों की गणना आरंभ हुई। मतगणना को लेकर पूरे परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन ने किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।

चुनाव अधिकारियों के अनुसार इस उपचुनाव में 422 मतदान केंद्रों पर डाले गए मतों की गिनती 30 चरणों में की जा रही है। मतगणना के लिए 14 टेबल लगाई गई हैं, जहां प्रशिक्षित कर्मचारियों की टीम लगातार प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। नियमित कर्मचारियों के अलावा आरक्षित स्टाफ भी तैनात किया गया है ताकि किसी भी परिस्थिति में मतगणना प्रभावित न हो। प्रत्येक चरण की गिनती पूरी होने के साथ संबंधित परिणाम भी घोषित किए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया शाम तक समाप्त होने की संभावना जताई गई है।

बांकीपुर सीट पर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। भाजपा ने इस सीट पर अपनी जीत का सिलसिला बनाए रखने के लिए नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार इस सीट से चुनावी मैदान में उतरे हैं। वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने रेखा गुप्ता पर भरोसा जताया है। इनके अलावा 22 अन्य प्रत्याशी भी चुनावी मुकाबले में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस कारण मतगणना को लेकर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और आम लोगों में काफी उत्सुकता देखी जा रही है।

यह उपचुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद उन्होंने विधायक पद छोड़ दिया था, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया गया। बांकीपुर सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। वर्ष 1995 के बाद से इस सीट पर भाजपा को हार का सामना नहीं करना पड़ा और नितिन नवीन लगातार चार बार यहां से विधायक चुने गए। ऐसे में इस बार भी पार्टी के सामने अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की चुनौती है।

मतदान प्रतिशत की बात करें तो इस उपचुनाव में कुल 34.16 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहने के बावजूद चुनावी मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कम मतदान के बावजूद परिणाम कई नए राजनीतिक संकेत दे सकते हैं और आगामी चुनावों की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।

मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। एएन कॉलेज और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है। कई प्रमुख मार्गों पर यातायात में बदलाव किया गया है ताकि मतगणना केंद्र तक केवल अधिकृत लोगों की आवाजाही सुनिश्चित हो सके। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मतगणना को पूरी तरह शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए हर आवश्यक कदम उठा रहा है। अब सभी की निगाहें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि बांकीपुर की जनता ने इस बार किस उम्मीदवार पर सबसे अधिक भरोसा जताया है।

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