मंगल मिलन में तिरंगा लेकर एकजुट दिखे NDA सांसद, राहुल गांधी पर रिजिजू का हमला; संसद तक मार्च की तैयारी

संसद के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को संसद पुस्तकालय में आयोजित एनडीए के ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम में सत्ता पक्ष के सांसदों ने एकजुटता का संदेश दिया। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम के नारों के साथ हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए के अन्य वरिष्ठ नेता तिरंगा लहराते हुए नजर आए। सांसदों ने भी तिरंगे के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और एकजुटता का संदेश दिया।
‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम के बाद एनडीए सांसदों की ओर से संसद भवन तक मार्च निकालने की तैयारी की गई। यह मार्च संसद की कार्यवाही में लगातार जारी गतिरोध के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। सत्ता पक्ष का आरोप है कि विपक्ष छात्र प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। एनडीए सांसदों का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देने के लिए भी तैयार हैं।
एनडीए सांसदों के प्रस्तावित मार्च में ऐसे प्लेकार्ड और पोस्टर शामिल होने की बात कही गई है, जिनके जरिए विपक्ष पर संसद में चर्चा से बचने का आरोप लगाया जाएगा। इसके साथ ही झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया जाएगा। सत्ता पक्ष इस मुद्दे पर झारखंड सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहा है।
इसी बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी पिछले कई दिनों से गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहे थे। अब जब गृह मंत्री छात्रों से जुड़े मुद्दे पर विस्तार से जवाब देने के लिए तैयार हैं, तो राहुल गांधी को सदन में मौजूद रहकर चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष को अब चर्चा से पीछे नहीं हटना चाहिए।
सरकार की ओर से छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा का प्रस्ताव रखा गया है। सत्ता पक्ष का कहना है कि चर्चा के बाद गृह मंत्री अमित शाह सरकार की ओर से अपना पक्ष रखेंगे। सरकार इस पहल के जरिए संसद में बने गतिरोध को खत्म करने और सदन की कार्यवाही को सामान्य रूप से चलाने की कोशिश कर रही है।
पिछले सप्ताह हुई ‘मंगल मिलन’ बैठक में भी एनडीए सांसदों ने सरकार की उपलब्धियों और देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की थी। सांसदों ने रोजगार, आर्थिक विकास, खेल और विभिन्न सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार की नीतियों को उपलब्धियों के तौर पर पेश किया था। साथ ही विपक्ष पर महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा रोकने का आरोप लगाया गया था।
भाजपा सांसदों ने रोजगार और गरीबी में कमी को लेकर भी सरकार के कामकाज का उल्लेख किया। वहीं खेलों में भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान और आर्थिक विकास को भी बैठक में चर्चा का विषय बताया गया। सांसदों ने कहा कि भारत विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के लिए सदन की कार्यवाही सुचारू रहना जरूरी है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होता दिखाई दे रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि छात्र प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर संसद में चर्चा कब और किस तरह होती है तथा गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के बाद सदन का गतिरोध खत्म हो पाता है या नहीं।
