युवाओं और छोटे कारोबारियों के लिए एआई बनेगा नई ताकत: अश्विनी वैष्णव

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केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छोटे कारोबारियों और युवाओं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अपनाने की अपील करते हुए कहा है कि एआई आज के दौर में उत्पादकता बढ़ाने और प्रतिस्पर्धा में आगे रहने का सबसे बड़ा जरिया बन चुका है। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों को अपने रोजमर्रा के कामकाज में एआई का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि वे समय, लागत और संसाधनों की बेहतर बचत कर सकें।

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए मंत्री वैष्णव ने कहा कि आज के युवाओं के लिए एआई की बुनियादी समझ बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा,
“हर युवा को यह पता होना चाहिए कि एआई क्या है, यह कैसे काम करता है, कहां इसका उपयोग किया जा सकता है और इसे जिम्मेदारी के साथ कैसे इस्तेमाल किया जाए।”

आईटी मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘नेशनल एआई लिटरेसी प्रोग्राम’ की शुरुआत की है। इसके तहत अगले एक वर्ष में देशभर के करीब 10 लाख छात्रों को एआई से जोड़ा जाएगा। इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना और उन्हें भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करना है।

सरकार ने इस अभियान के तहत अपने प्रमुख कोर्स ‘युवा एआई फॉर ऑल’ को भी लॉन्च किया है। यह कोर्स स्वामी विवेकानंद के युवाओं को सशक्त बनाने के विचारों को आधुनिक एआई तकनीक से जोड़ता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एआई केवल तकनीकी विशेषज्ञों तक सीमित न रहे, बल्कि आम युवाओं की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बने।

यह कोर्स लगभग चार घंटे से थोड़ा अधिक समय का है और इसे एआई सीखने के लिए एक आसान शुरुआती प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है। इसमें शामिल होने के लिए किसी भी तरह की तकनीकी या कंप्यूटर की पूर्व जानकारी की जरूरत नहीं है। यह कोर्स विशेष रूप से स्कूल, कॉलेज और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

‘युवा एआई फॉर ऑल’ कोर्स देश की 11 भाषाओं — असमिया, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल और तेलुगु — में उपलब्ध कराया गया है, ताकि भाषा किसी के लिए बाधा न बने। यह कोर्स पूरी तरह मुफ्त है और इसे फ्यूचरस्किल्स प्राइम, आईजीओटी कर्मयोगी, दीक्षा और अन्य प्रमुख ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म पर किया जा सकता है।

कोर्स पूरा करने वाले हर छात्र को भारत सरकार की ओर से आधिकारिक सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जो उनके डिजिटल स्किल प्रोफाइल को मजबूत करेगा और भविष्य में रोजगार व स्टार्टअप के अवसरों में मददगार साबित होगा।

आईटी मंत्रालय ने कहा कि ‘युवा एआई फॉर ऑल’ और नेशनल एआई लिटरेसी प्रोग्राम भारत को एआई-सक्षम राष्ट्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल युवाओं को नई तकनीक की समझ मिलेगी, बल्कि वे एआई से जुड़ी जिम्मेदारियों और अवसरों के लिए भी तैयार हो सकेंगे।

सरकार का मानना है कि एआई की जानकारी आने वाले समय में एक जरूरी जीवन कौशल बन जाएगी, और यह पहल भारत के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

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