राजामौली की फिल्म विदेशों में भी बजा ‘बाहुबली: द एपिक’ का डंका; थिएटर्स में उमड़ रही भीड़

इंडियन सिनेमा की भव्यता और कहानी कहने की अनोखी शैली के लिए मशहूर निर्देशक एस. एस. राजामौली की फिल्म ‘बाहुबली: द एपिक’ रिलीज़ के साथ ही वैश्विक स्तर पर धमाल मचा रही है। भारत ही नहीं, विदेश में भी दर्शकों में इस फिल्म को लेकर ज़बरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
दो सुपरहिट फिल्मों का भव्य संगम
31 अक्टूबर को विश्वभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई यह फिल्म मूल रूप से राजामौली की दो ऐतिहासिक सुपरहिट फिल्मों—
‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ और ‘बाहुबली: द कॉन्क्लूजन’—का संयुक्त संस्करण है।
इन दोनों फिल्मों से दर्शकों का भावनात्मक जुड़ाव पहले से गहरा रहा है, इसलिए इनके एक साथ बड़े पर्दे पर लौटने पर थिएटर्स में भारी उत्साह स्वाभाविक है। कई शहरों में शो हाउसफुल चल रहे हैं और दर्शक स्क्रीनिंग के दौरान जोश के साथ प्रतिक्रिया देते दिखे।
यूके में भी दिखा भारतीय सिनेमा का जादू
सोशल मीडिया पर इस फिल्म को लेकर कई अनुभव वायरल हो रहे हैं।
एक्स (पहले ट्विटर) पर एक यूज़र ने बताया कि उन्होंने फिल्म यूनाइटेड किंगडम में देखी, जहाँ थिएटर में 10–15 स्थानीय दर्शक भी मौजूद थे।
यूज़र ने लिखा:
“मैं कई वर्षों से यूके में इंडियन फिल्में देखता हूँ, लेकिन पहली बार इतने स्थानीय लोग किसी भारतीय फिल्म के शो में दिखाई दिए। यह अनुभव बेहद खास था।”
यूज़र की यह प्रतिक्रिया बताती है कि न सिर्फ भारतीय प्रवासी, बल्कि विदेशी दर्शक भी राजामौली की इस विजुअल मैग्नम ओपस से प्रभावित हैं।
भारतीय सिनेमा की बढ़ती पहुंच
राजामौली की फिल्मों ने पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई है। ‘बाहुबली: द एपिक’ की वैश्विक चर्चा एक बार फिर यह साबित करती है कि भारतीय फिल्मों की पहुंच और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। शानदार कहानी, दमदार विजुअल्स और भावनात्मक प्रस्तुति ने इसे एक बार फिर यादगार अनुभव बना दिया है।
