राज्यपाल मंगुभाई पटेल बोले- ‘मन की बात’ ज्ञान, संस्कार और प्रेरणा का सशक्त माध्यम, छात्राओं से नियमित सुनने की अपील

मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को ज्ञान, संस्कार और प्रेरणा का निरंतर प्रवाह बताते हुए कहा कि यह केवल एक संवाद कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए लोगों को प्रेरित करने वाला जन अभियान बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक एपिसोड में कम समय में ऐसे विचार और संदेश दिए जाते हैं, जो लोगों के जीवन को सकारात्मक दिशा देने के साथ उन्हें नई सोच और नई ऊर्जा से जोड़ते हैं।
राज्यपाल भोपाल स्थित कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण करने पहुंचे थे। कार्यक्रम से पहले उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से ‘मन की बात’ सुनने की आदत विकसित करें और अपने परिवार तथा मित्रों को भी इस प्रेरणादायक कार्यक्रम से जोड़ें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले सामान्य लोगों के असाधारण कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाते हैं। समाज सेवा, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, विज्ञान, ग्रामीण विकास और जनकल्याण जैसे विषयों पर किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों को सामने लाकर यह कार्यक्रम देशभर के लोगों को प्रेरणा देता है। ऐसे उदाहरण यह संदेश देते हैं कि यदि नागरिक अपनी जिम्मेदारियों को समझकर कार्य करें तो राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि ‘मन की बात’ सुनने से सकारात्मक सोच विकसित होती है और जीवन की चुनौतियों का समाधान खोजने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में साझा किए जाने वाले अनुभव यह बताते हैं कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। यही कारण है कि यह कार्यक्रम समाज के हर वर्ग के लिए उपयोगी साबित हो रहा है और लोगों को जनभागीदारी के महत्व से परिचित करा रहा है।
छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में हमेशा सीखते रहने की भावना बनाए रखनी चाहिए। समाज के प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करना, उनकी विशेषताओं से सीखना और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील रहना अच्छे नागरिक की पहचान है। उन्होंने शिक्षकों से भी आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करें ताकि वे भविष्य में देश का गौरव बढ़ा सकें।
कार्यक्रम से पहले राज्यपाल ने विद्यालय परिसर में छात्राओं द्वारा तैयार विज्ञान, इतिहास, कला और संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न मॉडलों और नवाचारों की जानकारी ली तथा छात्राओं के रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ उनमें आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय परिवार की प्रशंसा की। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी ‘मन की बात’ को समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम लोगों को राष्ट्र निर्माण और सकारात्मक बदलाव की दिशा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।
