राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ओंकारेश्वर दौरा: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव

मध्य प्रदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित पांच दिवसीय दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। विशेष रूप से ओंकारेश्वर में आयोजित होने वाले दो दिवसीय कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने मिलकर व्यापक तैयारियां की हैं ताकि राष्ट्रपति का दौरा सुरक्षित, व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
राष्ट्रपति 18 जून को इंदौर पहुंचने के बाद ओंकारेश्वर के लिए रवाना होंगी। उनके आगमन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। ओंकारेश्वर पहुंचने पर वह भगवान शिव के पवित्र ज्योतिर्लिंग मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी और दर्शन करेंगी। धार्मिक महत्व वाले इस कार्यक्रम के साथ-साथ उनका दौरा सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों से भी जुड़ा हुआ है। अगले दिन 19 जून को वह विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लेंगी, जहां स्वास्थ्य जागरूकता और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पुलिस मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। सभी संबंधित विभागों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कार्यक्रम स्थलों, मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
राष्ट्रपति के कार्यक्रम के कारण ओंकारेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। 17 जून की मध्यरात्रि से लेकर 19 जून तक विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है। भारी वाहनों के लिए अलग रूट निर्धारित किए गए हैं ताकि वीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात बाधित न हो और आम लोगों को भी कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
इंदौर से खंडवा और खंडवा से इंदौर की ओर जाने वाले बड़े वाहनों को विभिन्न वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा। इसके अलावा मंडलेश्वर, कसरावद और अन्य प्रमुख मार्गों पर भी विशेष ट्रैफिक प्रबंधन लागू किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि राष्ट्रपति के काफिले की आवाजाही सुरक्षित रहे और साथ ही सामान्य यातायात भी सुचारू रूप से चलता रहे।
श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। छोटे वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों तक भेजा जाएगा, जहां से श्रद्धालु पैदल मंदिर दर्शन और नर्मदा स्नान के लिए जा सकेंगे। वहीं, विभिन्न शहरों से आने वाली बसों की पार्किंग के लिए अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं। सुरक्षा कारणों से कुछ मार्गों को अस्थायी रूप से वाहन निषेध क्षेत्र भी घोषित किया जा सकता है।
राष्ट्रपति की यात्रा का अंतिम मार्ग मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा। यदि मौसम अनुकूल रहा तो हेलीकॉप्टर से यात्रा की जा सकती है, अन्यथा सड़क मार्ग का विकल्प अपनाया जाएगा। इस दौरान इंदौर में उनके स्वागत के लिए जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी।
प्रशासन ने आम नागरिकों और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए असुविधा हो सकती है, लेकिन सभी व्यवस्थाएं जनता की सुरक्षा और कार्यक्रम की सफलता को ध्यान में रखकर की गई हैं। ओंकारेश्वर में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रशासन हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
