रिकॉर्ड स्तर पर बनेंगे जनरल और नॉन-एसी कोच, आम यात्रियों को मिलेगी ज्यादा राहत

भारतीय रेलवे ने किफायती रेल यात्रा की बढ़ती मांग को देखते हुए जनरल और नॉन-एसी कोचों के उत्पादन को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आम यात्रियों को कम किराए में सुरक्षित, आरामदायक और बेहतर सुविधाओं वाली ट्रेन सेवा मिलती रहे। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, इस दिशा में एक सतत और दीर्घकालिक कोच निर्माण कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिससे आने वाले वर्षों में यात्री क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।
चालू वित्त वर्ष 2025-26, जो अब अपने अंतिम चरण में है, उसके लिए रेलवे ने कुल 4,838 नए एलएचबी जनरल और नॉन-एसी कोच बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें 2,817 एलएस कोच और 2,021 एलएससीएन कोच शामिल हैं। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4,802 एलएचबी कोचों के निर्माण की योजना बनाई गई है, जिनमें 2,638 एलएस कोच और 2,164 एलएससीएन कोच होंगे। इस बड़े पैमाने पर उत्पादन का उद्देश्य यात्रियों की लगातार बढ़ रही संख्या को संभालना और ट्रेनों की सुरक्षा, आराम और सेवा गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है।
रेलवे मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकार अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। ये ट्रेनें पूरी तरह नॉन-एसी हैं और इनमें जनरल व स्लीपर श्रेणी के कोच शामिल होते हैं, जो कम किराए में अच्छी यात्रा सुविधा प्रदान करते हैं। साल 2025 के दौरान 13 नई अमृत भारत ट्रेनें शुरू की गईं, जिससे इन ट्रेनों की कुल संख्या बढ़कर 30 हो गई है। इसके साथ ही भुज-अहमदाबाद और जयनगर-पटना के बीच दो नमो भारत रैपिड रेल सेवाएं भी शुरू की गई हैं, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर तेज और बेहतर कनेक्टिविटी मिल रही है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, भारतीय रेलवे आम यात्रियों को केंद्र में रखते हुए नॉन-एसी ट्रेनों की क्षमता बढ़ा रहा है, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष ट्रेनें चला रहा है और स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को भी लगातार बेहतर किया जा रहा है। अवैध टिकटों पर सख्ती, सुरक्षा में निवेश और किफायती अमृत भारत ट्रेनों के विस्तार के जरिए रेलवे एक ऐसी आधुनिक और समावेशी परिवहन व्यवस्था विकसित कर रहा है, जो देश के करोड़ों रोजमर्रा के यात्रियों की जरूरतों पर खरा उतर सके।
