सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज: मध्य प्रदेश पुलिस ने शुरू किया मेगा ट्रेनिंग अभियान, 303 मास्टर ट्रेनर्स तैयार

विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग ने अपनी रणनीति को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में राज्य स्तरीय “ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स” (ToT) सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से आए मास्टर ट्रेनर्स, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ-2028 के लिए चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा करना, जिलों में प्रशिक्षण की प्रगति का मूल्यांकन करना और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नई रणनीति तैयार करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जिलों में संचालित प्रशिक्षण मॉड्यूल, फील्ड अनुभव, तकनीकी नवाचार, फीडबैक और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन की सफलता केवल सुरक्षा व्यवस्था पर नहीं, बल्कि प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक तकनीक और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर निर्भर करती है।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि सिंहस्थ-2028 केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र और विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम है। ऐसे आयोजन में मध्य प्रदेश पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग पिछले तीन वर्षों से योजनाबद्ध तरीके से तैयारियों में जुटा है और आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि सिंहस्थ-2028 के लिए दो चरणों में आयोजित ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशभर में 303 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जा चुके हैं। ये प्रशिक्षित अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने जिलों में हजारों पुलिसकर्मियों को भूमिका आधारित प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण में भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, संचार प्रणाली, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली जैसे विषयों को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
सिंहस्थ के दौरान पुलिस बल की तैनाती और मानव संसाधन प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए eHRMS आधारित डिजिटल प्रणाली विकसित की जा रही है। इसके माध्यम से हजारों पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी, तैनाती और निगरानी को तकनीक के जरिए बेहतर ढंग से संचालित किया जाएगा। इसके अलावा पुलिस अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के सफल आयोजन से मिले अनुभवों को भी साझा किया गया। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि सिंहस्थ-2028 में भीड़ नियंत्रण, वन-वे मूवमेंट, होल्डिंग एरिया, कलर कोडिंग, आधुनिक संचार व्यवस्था और अफवाहों पर त्वरित नियंत्रण जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन में केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के अनुभव और सुविधा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की है। वर्ष 2025 और 2026 में लगभग 18 हजार नए पदों पर भर्ती की स्वीकृति मिलने से सिंहस्थ-2028 सहित भविष्य की कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों से निपटने में बड़ी मदद मिलेगी। लंबे समय बाद उप निरीक्षक और सूबेदार संवर्ग में भी भर्ती की जा रही है, जिससे पुलिस बल को और मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित पुलिस बल, मजबूत अधोसंरचना और जनसहभागिता के साथ मध्य प्रदेश सिंहस्थ-2028 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय आयोजन बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यदि तैयारियां इसी गति से जारी रहीं तो आने वाला सिंहस्थ न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सुरक्षा, प्रबंधन और तकनीकी नवाचार के मामले में भी देश के लिए एक नया मानक स्थापित कर सकता है।
