अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, 5 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। रामोल-गतराड रोड स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लगने से कम से कम पांच लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्ट्री परिसर में मौजूद कर्मचारियों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग और राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने के साथ-साथ घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के कुछ ही समय बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोगों ने भी राहत कार्यों में प्रशासन की सहायता की। दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। इसके बाद फैक्ट्री के विभिन्न हिस्सों की तलाशी लेकर यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं कोई व्यक्ति अंदर फंसा न रह गया हो। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
हादसे की सूचना मिलने के बाद देश के शीर्ष नेतृत्व ने भी गहरा दुख व्यक्त किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शोक संदेश जारी करते हुए हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं और सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता कर रहा है और राहत एवं बचाव कार्य पूरी गंभीरता से जारी हैं। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। इसके साथ ही प्रत्येक घायल व्यक्ति को पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की भी घोषणा की गई। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन सभी घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं उपचार कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी न रहने के निर्देश दिए और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
फिलहाल संबंधित एजेंसियां आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कर रही हैं। प्रारंभिक स्तर पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग किस परिस्थिति में लगी और क्या फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा था। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की अहमियत को सामने ला दिया है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
