एलपीजी सिलेंडर हुआ 200 रुपये से ज्यादा सस्ता, सरकार ने कमर्शियल गैस की कीमतों में दी बड़ी राहत

अगस्त महीने की शुरुआत देशभर के होटल, रेस्तरां, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए राहतभरी खबर लेकर आई है। केंद्र सरकार ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 200 रुपये से अधिक की बड़ी कटौती की है। लगातार दूसरे महीने कमर्शियल गैस सिलेंडर सस्ता होने से व्यापारियों और छोटे व्यवसायों को परिचालन लागत में राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है, क्योंकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इस बार भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 202 रुपये घटा दी गई है। इसके बाद अब यह सिलेंडर 2,728 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि पहले इसकी कीमत 2,930 रुपये थी। वहीं कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 209 रुपये की कटौती की गई है और अब वहां यह 2,872.50 रुपये में मिलेगा। इस फैसले से उन व्यवसायों को सीधा लाभ मिलेगा, जिनकी रोजमर्रा की गतिविधियां एलपीजी पर निर्भर करती हैं।
पिछले कुछ महीनों में वैश्विक परिस्थितियों के कारण एलपीजी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ा था। आपूर्ति प्रभावित होने और कच्चे ईंधन की लागत बढ़ने से कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगे हो गए थे। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति अपेक्षाकृत सामान्य होने और आपूर्ति में सुधार के बाद कीमतों में राहत देखने को मिल रही है।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आई यह कमी खासतौर पर होटल उद्योग, कैटरिंग व्यवसाय, रेस्तरां, बेकरी, फूड आउटलेट और अन्य छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। इन क्षेत्रों में हर महीने बड़ी संख्या में कमर्शियल गैस सिलेंडर की खपत होती है। ऐसे में प्रति सिलेंडर 200 रुपये से अधिक की बचत से कारोबारियों की लागत कम होगी और इससे उनके मुनाफे पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, घरेलू उपभोक्ता अभी भी एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में राहत का इंतजार कर रहे हैं। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम पहले की तरह ही बने हुए हैं। यानी घरों में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे में आम परिवारों के मासिक बजट पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे ईंधन की कीमतें स्थिर रहती हैं और आपूर्ति सामान्य बनी रहती है, तो आने वाले समय में गैस की कीमतों में और राहत मिलने की संभावना बन सकती है। फिलहाल सरकार का यह फैसला व्यावसायिक गतिविधियों को राहत देने वाला माना जा रहा है। लगातार दूसरे महीने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर सस्ता होने से कारोबारियों में सकारात्मक माहौल है और उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में भी कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी। वहीं घरेलू उपभोक्ताओं की नजर अब अगले मूल्य संशोधन पर टिकी हुई है, जहां उन्हें भी रसोई गैस की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।
