ऑकलैंड में भारतीय संस्कृति की गूंज, पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों के योगदान और भारत-न्यूजीलैंड दोस्ती की सराहना की

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे के दौरान ऑकलैंड में आयोजित भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और प्रवासी भारतीयों के गहरे जुड़ाव की एक खूबसूरत तस्वीर दुनिया के सामने पेश की। कार्यक्रम में भारतीय परंपराओं, संगीत और नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों ने न केवल वहां मौजूद लोगों का दिल जीता, बल्कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच मजबूत होते सांस्कृतिक संबंधों को भी नई पहचान दी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे दुनिया के अलग-अलग देशों में रहकर भी भारत की सांस्कृतिक विरासत को पूरी श्रद्धा और गर्व के साथ जीवित रखे हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय समुदाय केवल अपनी पहचान को ही नहीं संभाल रहा, बल्कि वह भारत और न्यूजीलैंड के बीच वर्षों से बने विश्वास, सहयोग और आपसी संबंधों को भी लगातार मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक सेतु की भूमिका निभा रहे हैं, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिलेगा।

ऑकलैंड में आयोजित कार्यक्रम में भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की आकर्षक झलक देखने को मिली। पंजाब के लोक रंगों से लेकर तमिलनाडु की सांस्कृतिक प्रस्तुति तक, हर कार्यक्रम ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का अनुभव कराया। इसके अलावा कर्नाटक संगीत और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का सुंदर संगम तथा वंदे मातरम की भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव से भर दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुति का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की तस्वीरें और अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की ऐसी प्रस्तुतियां दुनिया के किसी भी कोने में भारत की पहचान को और मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कलाकारों और आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाने का कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर नाद वोकल एन्सेम्बल की संगीत प्रस्तुति भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रधानमंत्री ने इसकी प्रशंसा करते हुए कहा कि संगीत में सीमाओं को पार कर लोगों को जोड़ने की अद्भुत शक्ति होती है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तुति ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच दोस्ती, विश्वास और सांस्कृतिक निकटता को बेहद प्रभावशाली तरीके से अभिव्यक्त किया। उनके अनुसार कला और संगीत ऐसे माध्यम हैं, जो देशों के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रधानमंत्री के ऑकलैंड पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। स्वागत समारोह में भारत के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाने वाले शास्त्रीय संगीत और नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रस्तुतियों ने भारत की विविधता में एकता की भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। समारोह में मौजूद लोगों का उत्साह यह दिखा रहा था कि विदेश में रहते हुए भी उनका भारत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव आज भी उतना ही मजबूत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय से मिले प्रेम और सम्मान ने उन्हें भावुक कर दिया। उन्होंने बताया कि भारत के किसी प्रधानमंत्री की यात्रा का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था और इस अवसर पर लोगों का उत्साह बेहद प्रेरणादायक था। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय चाहे दुनिया के किसी भी हिस्से में रहें, उनका भारत से रिश्ता हमेशा अटूट रहता है और यही संबंध दोनों देशों की मित्रता को नई ऊंचाइयों तक ले जाता है।

प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भारत और न्यूजीलैंड के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक सहयोग और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने प्रवासी भारतीयों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे भारत की पहचान, संस्कृति और मूल्यों को वैश्विक स्तर पर सम्मान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

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