ग्रीन गणेश अभियान से जगाई पर्यावरण संरक्षण की अलख

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एप्को के चार दिवसीय ग्रीन गणेश अभियान, जिसका शुभारंभ 22 अगस्त को किया गया था, सोमवार को समापन हुआl जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित चार दिवसीय “आओ बनाओ, निशुल्क घर ले जाओ “प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रमुख रूप से भोपाल के शा. नवीन उ. मा. विद्यालय ओल्ड कम्पियन, शासकीय मा. विद्यालय बोर्ड कालोनी, शा. हाई स्कूल बैरागढ़ चीचली, शा. राजा भोज उ. मा. विद्यालय, शा. नवीन कन्या हाई स्कूल नेहरू नगर, जागरण लेक यूनिवर्सिटी, आनंद विहार महिला महाविद्यालय, शा. नवीन हायर सेकंड्री स्कूल चूनाभट्टी, सेज इंटरनेशनल स्कूल, शा. एम. एल. बी. कन्या स्कूल बरखेड़ा, व्ही. एन. एस. कालेज तथा एक्सीलेंस कालेज के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ प्रतिभागिता कीl

एप्को टीम द्वारा अभियान के अंतर्गत भोपाल के बाल संप्रेषण गृह सहित चार अन्य स्कूलों में जाकर मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाना सिखाया गया और जल-स्रोतों के लिण् हेतु घर पर ही प्रतिमाओं विसर्जन के लिऐ प्रेरित भी किया। एप्को टीम द्वारा इस अभियान के अंतर्गत दो दिवसीय वेबिनार का भी आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 8000 ईको क्लब्स से जुड़े शिक्षक एवम् विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षित किया गया। भोपाल के छात्र- छात्राओं, शिक्षक तथा कई अधिकारी / कर्मचारियों एवम् आम नागरिकों सहित अभियान में लगभग 2150 प्रतिभागियों ने उत्साह से हिस्सा लिया और अपने हाथों से गणेश प्रतिमा का निर्माण किया।

अभियान के समन्वयक एप्को के कार्यपालन यंत्री श्री राजेश रायक्वार, प्रशासनिक अधिकारी श्री मनोहर पाटिल द्वारा कार्यशाला के समापन समारोह में प्रतिभागियों को अभियान के उद्देश्यों से परिचित कराते हुए पर्यावरण प्रदूषण के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई l मूर्ति को प्राकृतिक रंगो से सजाने के साथ उनका विसर्जन घर पर ही करने के लिए प्रतिभागियों को प्रेरित भी किया गयाl यह भी आग्रह किया गया कि प्लास्टर ऑफ पेरिस तथा रासायनिक रंगों से निर्मित प्रतिमाओं का उपयोग न करें। इसके स्थान पर मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की स्थापना करें तथा उनका विसर्जन घर पर ही करें हमारे जिससे जल स्रोत प्रदूषित न होने पाएं।

प्रतिभागियों ने इसे जलीय संरचनाओं के संरक्षण की दिशा में सराहनीय प्रयास बतायाl मूर्ति बनाने के लिए एप्को के श्री कमलेश वर्मा, वास्तुविद के मार्गदर्शन में एप्को के प्रशिक्षक सर्व श्री मनीष, महेंद्र, शिवलाल, सुनील, राकेश एवं राजेंद्र द्वारा प्रतिभागियों की सहायता की गई।

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