पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा: आज से लागू हुई नई फीस, जानिए 36 और 60 पेज वाले पासपोर्ट की नई कीमत

देशभर में पासपोर्ट बनवाने और उसका नवीनीकरण कराने वाले लोगों के लिए नई शुल्क व्यवस्था आज से लागू हो गई है। नवीनतम पासपोर्ट संशोधन नियम, 2026 के तहत पासपोर्ट आवेदन शुल्क में वृद्धि की गई है, जिससे नए पासपोर्ट, पासपोर्ट के नवीनीकरण और खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के प्रतिस्थापन की लागत पहले की तुलना में अधिक हो गई है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं और अब सभी नए आवेदन इन्हीं संशोधित शुल्कों के अनुसार स्वीकार किए जाएंगे।
नई व्यवस्था के तहत सामान्य श्रेणी में 36 पृष्ठों वाला नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने पासपोर्ट को दोबारा जारी कराने के लिए अब 2500 रुपये का शुल्क देना होगा। वहीं जिन लोगों को अधिक पृष्ठों की आवश्यकता होती है, उनके लिए 60 पृष्ठों वाला सामान्य पासपोर्ट या उसका पुनः जारी संस्करण अब 3500 रुपये में उपलब्ध होगा। इस बदलाव का असर उन लोगों पर भी पड़ेगा जो नौकरी, शिक्षा, व्यापार या विदेश यात्रा के लिए नियमित रूप से पासपोर्ट सेवाओं का उपयोग करते हैं।
जिन आवेदकों को अत्यंत कम समय में पासपोर्ट की आवश्यकता होती है, उनके लिए तत्काल सेवा की शुल्क संरचना भी संशोधित की गई है। नई व्यवस्था के अनुसार तत्काल योजना के तहत पासपोर्ट बनवाने के लिए अब 6000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी मानी जाती है जिन्हें आपातकालीन परिस्थितियों में विदेश यात्रा करनी होती है या कम समय में पासपोर्ट की आवश्यकता पड़ती है।
नई शुल्क व्यवस्था में उन मामलों को भी शामिल किया गया है, जिनमें पासपोर्ट खो जाता है, चोरी हो जाता है या किसी कारणवश क्षतिग्रस्त हो जाता है। यदि किसी व्यक्ति का 36 पृष्ठों वाला पासपोर्ट खो जाता है या वह उपयोग योग्य नहीं रह जाता, तो उसके स्थान पर नया सामान्य पासपोर्ट जारी कराने के लिए अब 5000 रुपये का भुगतान करना होगा। इसी प्रकार 60 पृष्ठों वाले पासपोर्ट के खोने या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में प्रतिस्थापन पासपोर्ट जारी कराने की लागत 6000 रुपये निर्धारित की गई है। इस प्रकार पासपोर्ट की सुरक्षा और उसके रखरखाव का महत्व पहले की तुलना में और अधिक बढ़ गया है।
पासपोर्ट आज केवल एक यात्रा दस्तावेज नहीं रह गया है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय पहचान का महत्वपूर्ण प्रमाण भी बन चुका है। उच्च शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा उपचार, पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक पासपोर्ट बनवाते हैं। ऐसे में नई शुल्क व्यवस्था का प्रभाव लाखों आवेदकों पर पड़ने की संभावना है। हालांकि प्रक्रिया में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है और आवेदन की पूरी प्रणाली पहले की तरह ही जारी रहेगी, लेकिन अब प्रत्येक श्रेणी के लिए निर्धारित संशोधित शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर शुल्क में संशोधन करने का उद्देश्य पासपोर्ट सेवाओं के संचालन, तकनीकी उन्नयन और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था को बनाए रखना भी होता है। डिजिटल सुविधाओं के विस्तार और आवेदन प्रक्रिया को अधिक आधुनिक बनाने के साथ-साथ सेवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी इस प्रकार के बदलाव आवश्यक माने जाते हैं।
नई शुल्क व्यवस्था लागू होने के बाद विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों, छात्रों, पेशेवरों और अन्य आवेदकों को अपने दस्तावेज तैयार करते समय संशोधित फीस का ध्यान रखना होगा। यदि किसी व्यक्ति का पासपोर्ट जल्द ही समाप्त होने वाला है या नया पासपोर्ट बनवाने की योजना है, तो अब उसे नई निर्धारित दरों के अनुसार ही आवेदन करना होगा। इस बदलाव के साथ पासपोर्ट सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी, लेकिन आवेदन की लागत अब नई शुल्क संरचना के अनुरूप होगी।
