पेरिस ओलंपिक 2024: एफिल टावर के लोहे से बने मेडल का अनोखा आकर्षण

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पेरिस ओलंपिक्स 2024 में मेडल जीतने वाले एथलीट इतिहास का एक खास हिस्सा बन जाएंगे, क्योंकि इस बार के ओलंपिक और पैरालंपिक के हर मेडल में एफिल टावर के लोहे का टुकड़ा लगाया गया है। जैसे अगर भारत की मनु भाकर ने महिला 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है, तो वे असल में एफिल टावर के लोहे का एक हिस्सा अपने घर ले जाएंगी। पेरिस और फ्रांसीसी विरासत के प्रतीक के रूप में यह टुकड़ा विश्व के सबसे बेहतरीन एथलीटों को दिया जा रहा है।

एफिल टावर का निर्माण 1887 से 1889 के बीच हुआ था और पिछले एक सदी से ज्यादा समय में इसे बनाए रखने के लिए समय-समय पर इसका नवीनीकरण किया जाता रहा है। इस खूबसूरत स्मारक को बनाए रखने के लिए इसमें से कुछ लोहा निकाल लिया गया था, जिसे अब ओलंपिक्स 2024 और पैरालंपिक्स के मेडल में इस्तेमाल किया गया है। इस पहल का उद्देश्य मेडल जीतने वाले हर एथलीट को फ्रांस की संस्कृति और इतिहास का एक हिस्सा अपने साथ ले जाने का अवसर देना है।

एफिल टावर का संचालन करने वाली कंपनी ने इस ऐतिहासिक स्मारक की विरासत को एक नई पहचान देने के लिए यह पहल शुरू की है। पेरिस ओलंपिक के आयोजकों ने विश्व प्रसिद्ध चॉमेट नाम की ज्वेलरी कंपनी के साथ मिलकर ओलंपिक और पैरालंपिक मेडल का डिजाइन तैयार किया है। मेडल के बीचोंबीच एफिल टावर के लोहे को षटभुज (हेक्सागोन) के आकार में लगाया गया है। इस षटभुज को गाढ़ा सलेटी रंग दिया गया है, और उस पर अंग्रेजी में ‘Paris 2024’ लिखा हुआ है। षटभुज के सभी छह कोनों पर गोल्ड कलर के जेमस्टोन लगाए गए हैं, जो मेडल की सुंदरता को और बढ़ा रहे हैं। इस प्रकार, प्रत्येक मेडल न केवल ओलंपिक खेल का प्रतीक होगा बल्कि एक ऐतिहासिक स्मारक का भी प्रतीक बनेगा।

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