बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ‘वोट चोरी’ मुद्दे पर हमलावर, 1 दिसंबर को पटना में बड़ी बैठक

बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद कांग्रेस अब एनडीए सरकार पर ‘वोट चोरी’ का गंभीर आरोप लगाते हुए इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में जुट गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने 1 दिसंबर को पटना स्थित सदाकत आश्रम में प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई है, जिसमें सभी जिलाध्यक्षों, मोर्चा प्रमुखों और फ्रंटल संगठनों के नेताओं को उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
कांग्रेस का आरोप है कि कई सीटों पर पार्टी की हार सामान्य जनसमर्थन की कमी के कारण नहीं, बल्कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने, डुप्लिकेट वोटिंग और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी जैसे कारणों से हुई है। पार्टी नेताओं का दावा है कि उनके पास ‘वोट चोरी’ से जुड़े कई तथ्य और साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें पार्टी जल्द सार्वजनिक करेगी।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर आक्रामक रणनीति अपना रही है। 1 दिसंबर की बैठक में आगे की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी, जबकि 14 दिसंबर को दिल्ली में एक बड़े राष्ट्रीय विरोध प्रदर्शन की भी तैयारी चल रही है।
उधर, निर्वाचन आयोग ने विपक्ष के कई दावों को खारिज करते हुए कहा है कि बिहार में ईवीएम चेकिंग या री-पोल को लेकर किसी भी पार्टी ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है और ‘वोट चोरी’ के आरोप साबित नहीं हुए हैं। इसके बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे को आगामी महीनों में बड़ा जनआंदोलन बनाने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हार के बाद कांग्रेस इस अभियान के माध्यम से अपनी राजनीतिक ऊर्जा और कैडर को एकजुट करने का प्रयास कर रही है, जबकि एनडीए इसे बेबुनियाद आरोप बताते हुए खारिज कर चुका है।
