भारत की प्राचीनतम चिकित्सा विधा “आयुर्वेद” को आगे बढ़ाने की आवश्यकता : मंत्री श्री परमार

TN5-Bhopal160226094112
Share this post

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में, सोमवार को मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में, पं. शिवनाथ शास्त्री शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय बुरहानपुर की साधारण सभा की बैठक हुई। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालयीन गतिविधियों, विकास कार्यों एवं आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। मंत्री श्री परमार ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर, आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मंत्री श्री परमार ने कहा कि स्वाभिमान के साथ, भारत की प्राचीनतम चिकित्सा विधा “आयुर्वेद” को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करें। मंत्री श्री परमार ने कहा कि महाविद्यालयीन गतिविधियों एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को समाजव्यापी बनाएं जिससे अधिक से अधिक आमजन आयुर्वेद चिकित्सा स्वास्थ्य लाभ ले सकें, इसके लिए मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय की समस्त सुविधाओं के व्यापक प्रचार एवं प्रसार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मंत्री श्री परमार ने कहा कि महाविद्यालय की गतिविधियों के अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार के लिए, स्थानीय स्तर पर सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रयास किए जाएं। महाविद्यालय की सफलताओं की कहानियों को प्रचारित करें और महाविद्यालय द्वारा दी जा रही समस्त सुविधाओं को आमजन तक प्रचारित करें।

मंत्री श्री परमार ने कहा कि महाविद्यालय में 02 विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के लिए, एनसीआईएसएम मापदंडों की पूर्ति के अनुरूप क्रियान्वयन करते हुए बढ़ें। मंत्री श्री परमार ने कहा कि संस्थान की अकादमिक गुणवत्ता पर पूरा ध्यान रखा जाए और उत्तरोत्तर गुणवत्ता वृद्धि के लिए सतत् कार्य करें। मंत्री श्री परमार ने कहा कि महाविद्यालय में शिक्षक संवर्ग की पूर्ति के लिए, सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों के अनुसार कार्रवाई करें।

बैठक में पिछली बैठक का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुमानित आय-व्यय का अनुमोदन किया गया। एनसीआईएसएम मापदंडों की पूर्ति एवं अन्य आवश्यकताओं के दृष्टिगत महाविद्यालयीन परिसर के विस्तार के लिए कुल राशि 31 करोड़ 52 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई, इसमें कैंटीन ब्लॉक, इंडोर बेडमिंटन हॉल, जिमनेशियम हॉल, 2 पार्किंग शेड, कनेक्टिंग कोरिडोर, डिसेक्शन हॉल तथा महाविद्यालय भवन में संचालित विभागों के उन्नयन कार्य के लिए राशि 11 करोड़ 56 लाख एवं चिकित्सालय के प्रथम एवं द्वितीय तल के निर्माण के लिए राशि रू. 19 करोड़ 94 लाख की स्वीकृति दी गई। चिकित्सालय में नवाचार के लिए नवीन ओ.पी.डी. संचालित करने के लिए आवश्यक यंत्र, उपकरण एवं ओ.पी.डी. स्थापना करने के लिए भी, स्वशासी निधि से राशि रू. 20 लाख व्यय करने का अनुमोदन किया गया। बैठक में विभिन्न प्रगतिरत कार्यों पर भी चर्चा हुई और अप्रोच रोड के लिए पूर्व में स्वीकृत राशि में वृद्धि कर एक करोड़ रुपए किए जाने का निर्णय किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *