मध्य प्रदेश में सरकारी अनुबंधित गाड़ियों के लिए नए सख्त नियम

Untitled-2

मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने शासकीय विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों द्वारा किराये पर ली जाने वाली गाड़ियों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब कोई भी वाहन तब तक सरकारी काम में नहीं लगाया जाएगा, जब तक उसके सभी जरूरी दस्तावेज पूरी तरह वैध नहीं होंगे।

परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि जिस भी एजेंसी या व्यक्ति की गाड़ी सरकारी विभागों को उपलब्ध कराई जाएगी, उसमें बीमा, फिटनेस सर्टिफिकेट, रजिस्ट्रेशन, परमिट, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) और टैक्स से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी होनी चाहिए।

यदि किसी वाहन का बीमा या फिटनेस समाप्त हो चुका है, तो उसे अनुबंध से हटा दिया जाएगा। इतना ही नहीं, यदि जांच के दौरान दस्तावेज अमान्य पाए गए तो संबंधित वाहन का भुगतान भी रोका जा सकता है।

यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि कई बार सरकारी काम में लगी गाड़ियों के दस्तावेज अधूरे या अमान्य पाए जाते हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति में बीमा क्लेम और कानूनी जिम्मेदारी को लेकर समस्याएं खड़ी हो जाती हैं।

परिवहन विभाग ने सभी सरकारी विभागों से कहा है कि वे अनुबंध करते समय ही नहीं, बल्कि पूरे अनुबंध काल में भी गाड़ियों के दस्तावेजों की नियमित जांच करें। जरूरत पड़ने पर विभाग ग्वालियर स्थित परिवहन आयुक्त कार्यालय से मार्गदर्शन भी ले सकते हैं।

अब मध्य प्रदेश में सरकारी काम में लगने वाली हर अनुबंधित गाड़ी का पूरी तरह वैध और अपडेटेड होना अनिवार्य होगा, वरना वह सरकारी सेवा से बाहर कर दी जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed