ममता बनर्जी पर कथित हमले से नाराज अग्निमित्रा पॉल, बोलीं- महिला के साथ ऐसा व्यवहार बंगाल की संस्कृति नहीं

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर जूता, पत्थर और मिट्टी फेंके जाने की घटना पर बीजेपी नेता और राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध और मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी महिला के साथ सार्वजनिक तौर पर इस तरह का व्यवहार बंगाल की संस्कृति और परंपरा के अनुरूप नहीं है।
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि ममता बनर्जी की राजनीति, उनके बयानों और उनके शासनकाल को लेकर उनकी अपनी राय हो सकती है। उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार पर भ्रष्टाचार, चोरी और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार जैसे कई आरोप भी लगाए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी राजनीतिक नेता के खिलाफ कितने भी गंभीर आरोप क्यों न हों, विरोध प्रदर्शन की भी एक सीमा और मर्यादा होनी चाहिए।
ममता बनर्जी के खिलाफ यह प्रदर्शन आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की महिला डॉक्टर की मौत की दूसरी बरसी के मौके पर हुआ। इसी दौरान कथित तौर पर उनकी ओर जूते, पत्थर और मिट्टी फेंके जाने की बात सामने आई। घटना को लेकर अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि ममता बनर्जी भले ही राज्य की मुख्यमंत्री रही हों, लेकिन उससे पहले वह एक महिला हैं और किसी महिला के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बीजेपी नेता ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि इस घटना में बीजेपी का कोई कार्यकर्ता शामिल पाया जाता है और उसने पार्टी में अपनी पहचान या प्रभाव बढ़ाने के लिए ऐसी हरकत की है, तो पार्टी इसे स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच में यदि कोई बीजेपी कार्यकर्ता दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल से असहमति जताने के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके अपनाए जाने चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसी घटनाओं से पश्चिम बंगाल की छवि प्रभावित होती है।
हालांकि, अग्निमित्रा पॉल ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद पूरी घटना को अपनी आंखों से नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि वह सुबह से व्यस्त थीं और इसलिए घटनाक्रम की पूरी जानकारी उनके पास नहीं है। ऐसे में उन्होंने किसी व्यक्ति पर सीधे तौर पर आरोप लगाने से बचते हुए कहा कि घटना की वास्तविकता सामने आने के बाद ही जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि घटना में शामिल व्यक्ति किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, चाहे वह टीएमसी, बीजेपी, न्यू बीजेपी या किसी अन्य संगठन से संबंधित हो, राजनीतिक विरोध के नाम पर ऐसी हरकतों को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उनके मुताबिक, बंगाल की अपनी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक परंपरा रही है और इस तरह की घटनाएं उस पहचान के खिलाफ जाती हैं।
अग्निमित्रा पॉल के बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस घटना को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है। एक तरफ ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदर्शन और कथित हमले को लेकर राजनीतिक विवाद है, तो दूसरी ओर बीजेपी नेता की ओर से भी विरोध की मर्यादा बनाए रखने की अपील की गई है। फिलहाल घटना में शामिल लोगों की पहचान और पूरे मामले को लेकर आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
