लोकभवन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन, राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने योग को बताया स्वस्थ समाज की आधारशिला

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लोकभवन में एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान योग को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक संतुलन का भी प्रभावी माध्यम बताया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक प्रार्थना और ओंकार उच्चारण के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित प्रतिभागियों ने योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योग क्रियाओं और आसनों का अभ्यास किया। पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासित वातावरण का अनुभव किया गया। योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने न केवल शारीरिक व्यायाम किया बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का भी अनुभव किया।
इस अवसर पर प्रसारित संदेश में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे आज पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” लोगों को यह संदेश देती है कि बढ़ती उम्र के बावजूद व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से सक्रिय, स्वस्थ और आत्मनिर्भर रह सकता है। योग जीवन के प्रत्येक चरण में स्वास्थ्य और संतुलन बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में तनाव, अनियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग एक ऐसा साधन बनकर उभरा है जो व्यक्ति को मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करता है। योग केवल शरीर को मजबूत बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मन, बुद्धि और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित कर जीवन को अधिक सार्थक बनाता है।
कार्यक्रम में योग प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को विभिन्न आसनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। इसमें शरीर की लचक, संतुलन और ताकत बढ़ाने वाले कई योगासन शामिल थे। साथ ही श्वसन प्रणाली को मजबूत करने और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने के लिए कपालभाति, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी जैसे प्राणायाम भी कराए गए। लगभग 50 मिनट तक चले इस सत्र में सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ योगाभ्यास किया।
योग सत्र के दौरान उपस्थित लोगों ने महसूस किया कि नियमित योग जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। कार्यक्रम के अंत में ध्यान और शांति पाठ का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण में शांति और संतुलन का अनुभव हुआ। प्रतिभागियों ने यह संकल्प भी लिया कि वे योग को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे।
इस अवसर पर यह भी बताया गया कि प्रदेश में योग और आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। वेलनेस सेंटरों की स्थापना और शैक्षणिक संस्थानों में योग को बढ़ावा देने जैसी पहलें लोगों को स्वस्थ और जागरूक जीवन की ओर प्रेरित कर रही हैं। लोकभवन में आयोजित यह कार्यक्रम योग के प्रति बढ़ती जागरूकता और स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा गया।
