सोना–चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, MCX पर चांदी 1,800 रुपये से अधिक टूटी

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मंगलवार को कीमती धातुओं के बाजार में भारी उतार–चढ़ाव देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बना रहा। शुरुआती कारोबार में तेज गिरावट के बाद शाम के समय कुछ सुधार अवश्य दिखा, लेकिन इसके बावजूद चांदी का बाजार दबाव में ही रहा। चांदी की कीमत दिन भर में 1,800 रुपये से अधिक लुढ़ककर ट्रेड करती दिखाई दी।

बाजार जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं में कमजोरी की वजह से घरेलू बाजार में भी कीमतों पर असर पड़ा है। वैश्विक आर्थिक संकेतकों में अनिश्चितता, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी तथा डॉलर इंडेक्स की मजबूती ने सोना–चांदी के भाव पर दबाव बनाया है। इसके अलावा, निवेशकों द्वारा सुरक्षित माने जाने वाले परिसंपत्तियों में सतर्कता ने भी सोने–चांदी के कारोबार को प्रभावित किया।

मंगलवार सुबह MCX पर सोना वायदा करीब कमजोरी के साथ खुला। शुरुआती सत्र में तेजी से फिसलने के बाद दिन में कुछ समय के लिए कीमतों में हल्की रिकवरी देखी गई, लेकिन यह सुधार बहुत स्थायी साबित नहीं हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक आर्थिक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक कीमतों में तेज उतार–चढ़ाव बनी रह सकता है।

चांदी की बात करें तो दिनभर ट्रेडिंग में दबाव साफ दिखा। शुरुआती सत्र में तेज गिरावट के बाद शाम तक चांदी 1,800 रुपये से अधिक टूटकर नीचे ट्रेड कर रही थी। इसके चलते घरेलू बाजार में चांदी की मांग पर भी असर देखने को मिला। हालांकि, कुछ विश्लेषक मानते हैं कि चांदी की औद्योगिक मांग और त्योहारों के मौसम को देखते हुए आने वाले समय में कीमतों में सुधार देखने को मिल सकता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने–चांदी की कीमतों में कमजोरी रही। अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने वैश्विक सोना कीमतों को नीचे धकेला। डॉलर मजबूत होने पर निवेशक अन्य विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमती धातुओं की मांग पर असर पड़ता है और कीमतें दबाव में आ जाती हैं। इस बीच, फेडरल रिज़र्व की मौद्रिक नीति से जुड़े संकेत भी बाजार की चाल पर निर्णायक प्रभाव डाल रहे हैं।

बाजार में जारी गिरावट के बीच, कई निवेशकों ने मुनाफावसूली की संभावना को देखते हुए सावधानी बरती है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेशकों को जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला नहीं लेना चाहिए और बाज़ार की स्थितियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

त्योहारी सीजन निकट होने के कारण सोने–चांदी की मांग में बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे बाजार को सहारा मिल सकता है। ऐतिहासिक रूप से भारत में त्योहारों और शादियों के दौरान सोने की मांग बढ़ती है, जिसका असर कीमतों में दिखाई देता है।

कुल मिलाकर, मंगलवार का दिन कीमती धातुओं के बाजार के लिए उतार–चढ़ाव भरा रहा। एक ओर घरेलू और वैश्विक आर्थिक दबाव ने कीमतों को नीचे धकेला, वहीं दूसरी ओर मांग के मौसमी रुझान ने बाजार में कुछ समर्थन देने की उम्मीद कायम रखी। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक आर्थिक संकेतकों और निवेशकों की रणनीति पर निर्भर करेगी।

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