2026 में नौकरी खोजने में AI बनेगा सबसे बड़ा सहायक, 90% से ज्यादा भारतीय प्रोफेशनल करेंगे इस्तेमाल

भारत में 90 प्रतिशत से अधिक पेशेवर 2026 में नौकरी खोजने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेने की योजना बना रहे हैं। यह खुलासा प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन की नई रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, AI अब केवल काम आसान बनाने का जरिया नहीं रहा, बल्कि यह जॉब सीकर्स का आत्मविश्वास भी बढ़ा रहा है। करीब 66 प्रतिशत लोगों का मानना है कि AI इंटरव्यू के दौरान उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करता है।
हालांकि, AI आधारित हायरिंग, तेजी से बदलते कौशल और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण 84 प्रतिशत पेशेवर खुद को नई नौकरी के लिए पूरी तरह तैयार नहीं मानते। इसके बावजूद 72 प्रतिशत लोग 2026 में सक्रिय रूप से नौकरी तलाशने की योजना बना रहे हैं।
रिपोर्ट बताती है कि 87 प्रतिशत प्रोफेशनल काम में AI के इस्तेमाल को लेकर सहज हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में इसके रोल को लेकर भ्रम बना हुआ है। लगभग 77 प्रतिशत लोगों को हायरिंग प्रोसेस कई चरणों वाला लगता है, जबकि 66 प्रतिशत का कहना है कि यह प्रक्रिया पहले से ज्यादा व्यक्तित्वहीन हो गई है।
लिंक्डइन इंडिया की करियर एक्सपर्ट नीरजिता बनर्जी के मुताबिक, AI अब भारतीय जॉब मार्केट का अहम हिस्सा बन चुका है और यह उम्मीदवारों को उनके कौशल और नौकरी के अवसरों के बीच बेहतर तालमेल समझने में मदद कर रहा है।
लिंक्डइन के आंकड़ों के अनुसार, 2022 के बाद से प्रति नौकरी आवेदकों की संख्या दोगुने से ज्यादा हो गई है, जिससे प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है। वहीं, 74 प्रतिशत कंपनियों को सही योग्य उम्मीदवार ढूंढने में कठिनाई हो रही है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि जेन-ज़ेड के करीब 32 प्रतिशत युवा नई भूमिकाओं की तलाश में हैं, जबकि इतने ही लोग अपना करियर क्षेत्र बदलने पर विचार कर रहे हैं। लिंक्डइन की ‘इंडिया जॉब्स ऑन द राइज’ रिपोर्ट के अनुसार, प्रॉम्प्ट इंजीनियर, एआई इंजीनियर और सॉफ्टवेयर इंजीनियर इस समय सबसे तेजी से उभरती नौकरियों में शामिल हैं। इसके अलावा सेल्स, ब्रांड स्ट्रेटेजी, साइबर सिक्योरिटी और एडवाइजरी सर्विसेज में भी मजबूत मांग बनी हुई है।
