मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का नया दौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़े बदलावों की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों को अब मेडिकल कॉलेज शुरू करने की अनुमति दी जाएगी, जिसमें राज्य सरकार अस्पतालों को संबद्ध करने की व्यवस्था करेगी। इन अस्पतालों के वेतन और भत्तों का खर्च सरकार उठाएगी, जबकि विश्वविद्यालय पठन-पाठन और परीक्षाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे। परीक्षा से प्राप्त शुल्क का उपयोग मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय के विकास के लिए किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों की शुरुआत करनी चाहिए। उन्होंने डेयरी टेक्नोलॉजी और कृषि जैसे व्यावसायिक दक्षता वाले कोर्स शुरू करने पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उच्च शिक्षा को नए आयाम देने के लिए सरकार विभिन्न नवाचारों के साथ आगे बढ़ रही है और वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए विश्वविद्यालयों को प्रेरित किया जा रहा है।

बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के ज्ञान विज्ञान भवन में आयोजित अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के हितों का ध्यान रखते हुए वेतन और भत्तों में वृद्धि कर रही है। इससे प्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालयों के कर्मचारी और पेंशनर्स लाभान्वित होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब प्रदेश में केवल दो श्रेणियों के विश्वविद्यालय होंगे—शासकीय और निजी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने जन्मदिवस की शुभकामनाओं के लिए सभी कर्मचारियों और पेंशनधारकों का आभार व्यक्त किया और गुड़ी पड़वा के पर्व पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शासकीय विश्वविद्यालयों की दो पेंशनर्स समितियों को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की और कर्मचारियों के कल्याण के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दोहराया।

समारोह में मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ैल, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एस.के. जैन, कुल सचिव प्रो. मंसूरी, प्रो. कालिका यादव, प्रो. गोपाल शर्मा समेत अनेक अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री का सामूहिक रूप से सम्मान किया गया और उन्हें वृहद पुष्पहार, अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए।

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