ब्लॉगर द्वारा श्री महाकालेश्वर मंदिर की छवि व प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास

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उज्जैन 27 मई 2025। श्री महाकालेश्वर मंदिर दिनांक 20 मई 2025 को दर्शन करने आये दर्शनार्थी सुश्री नयना और श्री अर्पित द्वारा मंदिर की व्यवस्थाओं के सम्बंध में अपनी इंस्टाग्राम आई.डी. पर श्री महाकालेश्वर मंदिर के विषय भ्रमाक व गलत प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

दिनांक 20 मई 2025 को सुश्री नयना और श्री अर्पित द्वारा सुरक्षा गार्ड से अभद्रता कर श्री महाकालेश्वर मंदिर में मोबाइल व कैमरा लेकर मंदिर में प्रवेश किया गया।उनके द्वारा वीडियो में कहा गया है कि उन्हें दर्शन नहीं कराए गए जबकि वस्तुस्थिति यह है कि श्री महाकालेश्वर मंदिर के गणेश मंडप में उनके द्वारा सुलभता से श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन किये गए। गणेश मंडप में दर्शन के दौरान कैमरा निकालकर रील बनाने के लिए उनके द्वारा श्री महाकालेश्वर भगवान के गर्भगृह के सामने खड़े होकर शूटिंग की जाने लगी जिससे दर्शन की लाइन बाधित हो रही थी। जब सुरक्षा गार्ड द्वारा उन्हें कैमरे का प्रयोग करने से रोका गया व हाथ जोड़कर विनम्रतापूर्वक बताया गया कि, श्री महाकालेश्वर मंदिर में शूटिंग करने पर प्रतिबंध है और सुरक्षा कारणों मोबाइल या कैमरा मंदिर में नही ला सकते है। फिर भी वह नही माने और सुरक्षा गार्ड से अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया गया। सुरक्षा गार्ड द्वारा पुनः निवेदन करने पर दर्शनार्थी द्वारा बार-बार सुरक्षा गार्ड से अभद्रता की गई । यह घटना सी.सी.टी.व्ही. कैमरे में रिकॉर्ड है। दर्शन उपरांत जब दर्शनार्थी को समझाईश हेतु मंदिर प्रबंध समिति के कंट्रोल रूम ले जाया गया वहां भी दर्शनार्थी द्वारा सुरक्षा गार्ड से पुनः अभद्रता की गई ।

दर्शन करने आये सुश्री नयना व श्री अर्पित द्वारा सोशल मीडिया पर अपने फॉलोवर्स व व्यूअर बढ़ाने हेतु श्री महाकालेश्वर मंदिर के सम्बन्ध में गलत व भ्रामक जानकारी प्रसारित की जा रही है, जबकि वस्तुस्थिति इससे अत्यन्त विपरीत है। दर्शनार्थी को मंदिर में भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन सहज व सरलता से हुए है।

अतः दर्शनार्थी द्वारा जो वीडियो प्रसारित की जा रही है वह पूर्णतः भ्रामक है। यह सम्पूर्ण घटनाक्रम श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सी.सी.टी.व्ही. कैमरे में रिकॉर्ड है। व्यक्तिगत लाभ के लिए श्री महाकालेश्वर मंदिर की प्रतिष्ठा को धूमिल किया जाना एवं श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाना अत्यंत खेदजनक है।

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