प्रधानमंत्री जन धन योजना के 12 साल पूरे: 59 करोड़ से ज्यादा खाते, 3.17 लाख करोड़ जमा, महिलाओं और ग्रामीण भारत को सबसे बड़ा फायदा

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प्रधानमंत्री जन धन योजना ने अपने 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी उपलब्धियों को देश के साथ साझा करते हुए इसे भारत में वित्तीय समावेशन की सबसे बड़ी और सबसे सफल पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना ने करोड़ों लोगों को पहली बार औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। पिछले 12 वर्षों में जन धन योजना ने देश की बैंकिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाते हुए उन लोगों तक भी वित्तीय सेवाएं पहुंचाई हैं, जो पहले बैंकिंग सुविधाओं से काफी दूर थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जन धन योजना का प्रभाव अभूतपूर्व रहा है और इसने समाज के हर वर्ग तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की है। आज देश के दूर-दराज गांवों, छोटे कस्बों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक बैंक खाते, डिजिटल भुगतान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है। यही वजह है कि जन धन योजना आज वित्तीय समावेशन का एक मजबूत मॉडल बन चुकी है।

सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक 59.09 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों में कुल जमा राशि 3.17 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई है। यह आंकड़ा इस योजना पर लोगों के बढ़ते भरोसे और इसकी व्यापक सफलता को दर्शाता है। योजना की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसने पहली बार बड़ी संख्या में गरीब और वंचित परिवारों को बैंकिंग प्रणाली का हिस्सा बनाया।

जन धन योजना का महिलाओं पर भी बड़ा सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। कुल खातों में लगभग 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के नाम पर हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ी है और उन्हें सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने लगा है। इसके अलावा करीब 78 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं, जिससे गांवों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार तेजी से हुआ है।

इस योजना के तहत खाताधारकों को मुफ्त रुपे डेबिट कार्ड भी उपलब्ध कराया जाता है। अब तक 41 करोड़ से अधिक रुपे कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इन कार्डों के जरिए लोगों को एटीएम से नकदी निकालने, डिजिटल भुगतान करने और ऑनलाइन लेनदेन जैसी सुविधाएं आसानी से मिल रही हैं। डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने में भी जन धन योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

जन धन खाते के साथ खाताधारकों को 2 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर भी मिलता है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर 10,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए मददगार साबित होती है, जिन्हें अचानक आर्थिक जरूरत पड़ने पर तुरंत धन की आवश्यकता होती है।

जन धन योजना का उद्देश्य केवल बैंक खाते खोलना नहीं था, बल्कि लोगों को वित्तीय सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उपलब्ध कराना भी था। इसी वजह से इस योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा गया है। इससे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, गरीब परिवारों और छोटे आय वर्ग के लोगों को बीमा सुरक्षा और आर्थिक सहायता का लाभ मिला है।

पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जन धन योजना ने बैंकिंग सेवाओं को देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, डिजिटल भुगतान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के साथ जुड़कर यह योजना आज करोड़ों भारतीयों के आर्थिक जीवन का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भारत की बड़ी उपलब्धियों में गिनी जा रही है।

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