ताशकंद में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, महिलाओं ने बांधी राखी और बच्चों की प्रस्तुति ने जीता दिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय ने उनका बेहद गर्मजोशी और उत्साह के साथ स्वागत किया। एयरपोर्ट से लेकर स्वागत समारोह तक पूरे कार्यक्रम में भारत के प्रति प्रेम और सम्मान का माहौल देखने को मिला। भारतीय समुदाय ने ‘मोदी-मोदी’, ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरे परिसर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
यह यात्रा भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय रिश्तों और सांस्कृतिक जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण संदेश भी लेकर आई।
ताशकंद में भारतीय समुदाय ने किया शानदार स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय शामिल हुए। लोगों ने हाथों में भारतीय तिरंगा लेकर उनका अभिनंदन किया और पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया।
मुख्य आकर्षण रहे ये पल:
- ‘मोदी-मोदी’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा कार्यक्रम।
- भारतीय समुदाय ने पारंपरिक अंदाज में प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
- लोगों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उनका अभिवादन किया।
प्रधानमंत्री ने भी मुस्कुराते हुए सभी का अभिवादन स्वीकार किया और लोगों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की।
महिलाओं ने पीएम मोदी को बांधी राखी
स्वागत समारोह का सबसे भावुक पल तब आया जब भारतीय समुदाय की कुछ महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ पर राखी बांधी।
इस खास पल की प्रमुख बातें:
- महिलाओं ने प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त किया।
- राखी बांधने के दौरान कार्यक्रम का माहौल भावनात्मक हो गया।
- प्रधानमंत्री ने मुस्कुराकर महिलाओं का अभिवादन स्वीकार किया।
यह दृश्य कार्यक्रम का सबसे चर्चित और यादगार क्षण बन गया।
बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने जीता प्रधानमंत्री का दिल
कार्यक्रम में बच्चों ने भारतीय और उज्बेक संस्कृति से प्रेरित रंगारंग नृत्य प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री मोदी पूरे प्रदर्शन को ध्यान से देखते रहे और प्रस्तुति समाप्त होने के बाद बच्चों से हाथ मिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की खास बातें:
- भारतीय और उज्बेक संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला।
- बच्चों के नृत्य ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
- प्रधानमंत्री ने कलाकारों की सराहना करते हुए उनका हौसला बढ़ाया।
इस दौरान मौजूद लोगों ने तालियों से बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
प्रवासी भारतीयों को बताया भारत-उज्बेकिस्तान दोस्ती का पुल
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय से बातचीत करते हुए कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय दोनों देशों के बीच रिश्तों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि ताशकंद में भारतीय समुदाय का प्रेम और अपनापन उन्हें हमेशा विशेष खुशी देता है। उनके अनुसार, प्रवासी भारतीय केवल भारत की संस्कृति का प्रतिनिधित्व नहीं करते, बल्कि दोनों देशों के बीच दोस्ती और विश्वास का मजबूत पुल भी हैं।
उज्बेकिस्तान में 16 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र
उज्बेकिस्तान में भारतीय समुदाय लगातार बढ़ रहा है। यहां 16 हजार से अधिक भारतीय छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
भारतीय समुदाय की भूमिका:
- शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र मौजूद हैं।
- सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के जरिए दोनों देशों के लोगों के बीच जुड़ाव बढ़ रहा है।
- भारतीय समुदाय दोनों देशों के मानवीय संबंधों को नई मजबूती दे रहा है।
यंगी उज्बेकिस्तान स्मारक पर अर्पित की पुष्पांजलि
ताशकंद पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ यंगी उज्बेकिस्तान स्मारक का दौरा किया और पुष्पांजलि अर्पित की।
स्मारक दौरे की मुख्य बातें:
- स्मारक उज्बेकिस्तान की नई सोच और प्रगति का प्रतीक माना जाता है।
- प्रधानमंत्री ने इसे उज्बेक जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक बताया।
- यात्रा की शुरुआत इस स्मारक से करना उनके लिए विशेष सम्मान की बात रही।
उज्बेक संस्कृति और इतिहास की झलक भी देखी
यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने उज्बेकिस्तान के इतिहास, कला और संस्कृति को दर्शाने वाली कलाकृतियों का अवलोकन किया।
इस दौरान दोनों नेताओं ने सांस्कृतिक विरासत और दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों पर भी चर्चा की। यह कार्यक्रम भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ते सांस्कृतिक सहयोग का प्रतीक बनकर सामने आया।
राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने किया विशेष स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ताशकंद एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
प्रधानमंत्री ने इस आत्मीय स्वागत के लिए उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उनकी उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भारत और उज्बेकिस्तान के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और यह यात्रा दोनों देशों की मित्रता को और अधिक गहरा करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
