कटनी जमीन सौदे मामले में निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया को बड़ा झटका, कोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज की, गिरफ्तारी का रास्ता साफ

कटनी के बहुचर्चित जमीन सौदेबाजी और पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया को अदालत से बड़ा झटका लगा है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद पुलिस और विशेष जांच टीम के लिए उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पहले ही तीनों फरार आरोपियों पर इनाम घोषित कर चुकी है और उनकी तलाश लगातार जारी है।
अदालत में अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष ने अपने-अपने तर्क रखे। बचाव पक्ष ने अदालत से राहत देने की मांग की, जबकि जांच एजेंसी और अभियोजन ने मामले से जुड़े दस्तावेज, जांच की प्रगति और उपलब्ध साक्ष्यों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए आवेदन खारिज कर दिया।
कोर्ट के फैसले के बाद निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर सकती है। इस मामले में नेहा पच्चीसिया के अलावा दो अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है, जिन्हें कथित जमीन सौदे का मुख्य फाइनेंसर और कागजी खरीदार बताया जा रहा है। एफआईआर दर्ज होने के बाद से तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी संभावित लोकेशन पर लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस विभाग ने फरार तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इसके साथ ही पुलिस और साइबर सेल की टीमें तकनीकी माध्यमों से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। मोबाइल लोकेशन, डिजिटल ट्रैकिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उनकी तलाश की जा रही है।
मामले की जांच को निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के लिए आठ सदस्यीय विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया है। इस टीम का नेतृत्व जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी कर रही हैं। एसआईटी जमीन सौदे से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। जांच टीम दस्तावेजों की वैधता, बैंक खातों में हुए लेनदेन, डिजिटल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल में जुटी हुई है।
जांच एजेंसियों का ध्यान इस बात पर भी केंद्रित है कि कथित जमीन सौदे में पैसों का प्रवाह किस तरह हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा को भी जांच का अहम हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्य इस मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने ला सकते हैं।
जांच के दौरान सीज किए गए सीएसपी कार्यालय को खोलकर वहां मौजूद दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो एसआईटी को मामले से जुड़े नए सुराग और अतिरिक्त साक्ष्य मिल सकते हैं। जांच टीम इस दिशा में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आगे की कार्रवाई कर सकती है।
कटनी का यह मामला मध्य प्रदेश में चर्चित जमीन विवादों में शामिल हो चुका है। अदालत के फैसले के बाद अब पूरे मामले की जांच और तेज होने की संभावना है। पुलिस और एसआईटी दोनों ही आरोपियों की तलाश के साथ-साथ जमीन सौदे से जुड़े वित्तीय और दस्तावेजी पहलुओं की गहन जांच में जुटी हुई हैं। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।
