किर्गिस्तान दौरे पर पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत, सैन्य अधिकारियों और योग प्रशिक्षकों ने बताया मुलाकात को जिंदगी का यादगार पल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किर्गिस्तान दौरे ने दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग को नई मजबूती देने का संदेश दिया। इस आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान के सैन्य अधिकारियों, योग प्रशिक्षकों, पर्यावरण विशेषज्ञों और भारत से जुड़े कई लोगों से मुलाकात की। इन मुलाकातों ने केवल कूटनीतिक रिश्तों को ही नहीं, बल्कि लोगों के बीच बढ़ते विश्वास और आत्मीयता को भी उजागर किया। प्रधानमंत्री से मिलने वाले कई लोगों ने इसे अपने जीवन का सबसे यादगार और प्रेरणादायक पल बताया।
किर्गिस्तान के सैन्य अधिकारी कैप्टन तालाइबेक ने भारत के साथ अपने गहरे जुड़ाव का अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारत उनके सैन्य जीवन का अहम हिस्सा रहा है। उन्होंने भारत की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में तीन वर्ष और भारतीय सैन्य अकादमी में एक वर्ष प्रशिक्षण प्राप्त किया। उनके अनुसार भारत में बिताया गया समय केवल पेशेवर प्रशिक्षण तक सीमित नहीं था, बल्कि वहां बने दोस्त और कोर्समेट आज भी दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों की एक जीवंत कड़ी हैं।
कैप्टन तालाइबेक ने कहा कि भारत और किर्गिस्तान के बीच सैन्य सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘खंजर’ का उल्लेख करते हुए बताया कि इस अभ्यास से दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी समझ, तालमेल और विश्वास बढ़ा है। उनका मानना है कि ऐसे सैन्य सहयोग भविष्य में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात को उन्होंने बेहद खास अनुभव बताया। उनके मुताबिक किसी देश के प्रधानमंत्री से आमने-सामने मिलना हर किसी के जीवन में संभव नहीं होता और यह अवसर उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।
किर्गिज गणराज्य की महिला कांग्रेस के अंतरराष्ट्रीय विभाग की प्रमुख गुलाइम एशबायेवा ने भी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से मिलकर उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा मिली। उनके अनुसार यह मुलाकात व्यक्तिगत रूप से भी उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रही और वह इस पल को हमेशा याद रखेंगी।
लेफ्टिनेंट तिलेमन ने भी भारत और किर्गिस्तान के संबंधों को सहज और मजबूत बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग लगातार बढ़ रहा है और संयुक्त अभियानों के माध्यम से दोनों सेनाएं एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल विकसित कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात को उन्होंने जीवन का ऐसा अवसर बताया, जो बहुत कम लोगों को मिलता है।
सीनियर लेफ्टिनेंट बैमुर मुर्जा ने हिंदी में बातचीत करते हुए भारत के प्रति अपना विशेष लगाव व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि भारत में प्रशिक्षण के दौरान बने रिश्ते आज भी उनके जीवन का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने अपने भारतीय साथियों और उनके परिवारों के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को अब तक केवल टेलीविजन पर देखा था, लेकिन पहली बार सामने से मिलने का मौका उनके लिए बेहद खास रहा।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। स्नो लेपर्ड संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञ कौस्तुभ शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत भले ही संक्षिप्त थी, लेकिन बेहद सार्थक रही। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर विचार साझा किए।
कौस्तुभ शर्मा ने कहा कि भारत और किर्गिस्तान के बीच पहले से मजबूत मित्रता मौजूद है, लेकिन व्यापार, पर्यटन, क्षमता निर्माण और संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अभी काफी संभावनाएं हैं। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच इन क्षेत्रों में साझेदारी और मजबूत हो सकती है।
योग ने भी भारत और किर्गिस्तान के रिश्तों को एक नई पहचान दी है। किर्गिस्तान की योग साधक अरीना नियाजबेकोवा ने भारत को किर्गिस्तान का बड़ा भाई बताते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध हमेशा गर्मजोशी और विश्वास पर आधारित रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा किर्गिस्तान का साथ दिया है और योग ने दोनों देशों के लोगों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ा है।
योग प्रशिक्षक लुनारा ने बताया कि उन्होंने भारत में लगभग दस वर्षों तक योग सिखाया है और इस दौरान हजारों लोगों को योग से जोड़ने का अवसर मिला। उन्होंने भारत के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रही।
योग प्रशिक्षक असिलकान ने भी अपनी कहानी साझा की। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्होंने फिट रहने के लिए योग सीखा था, लेकिन धीरे-धीरे यह उनकी जीवनशैली का हिस्सा बन गया। अब वह दूसरों को भी योग सिखाते हैं और इसे केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका मानते हैं।
किर्गिस्तान में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र विशेष रूप से मेडिकल शिक्षा के लिए पढ़ाई कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारतीय छात्रों की मौजूदगी दोनों देशों के बीच मानवीय रिश्तों को और मजबूत बना रही है। लगातार बढ़ते शैक्षणिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंध भारत और किर्गिस्तान की दोस्ती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा केवल आधिकारिक बैठकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने दोनों देशों के लोगों के बीच विश्वास, मित्रता और सहयोग की भावना को और गहरा करने का अवसर भी प्रदान किया।
