लालकिले पर पहली बार गूंजा वंदे मातरम, 150 साल की विरासत को स्वतंत्रता दिवस पर किया गया याद

देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली के ऐतिहासिक लालकिले में इस बार समारोह ने एक खास ऐतिहासिक क्षण दर्ज किया। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार लालकिले की प्राचीर से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया गया। इस आयोजन के जरिए वंदे मातरम से जुड़ी 150 वर्षों की गौरवशाली विरासत को याद किया गया और देश की स्वतंत्रता की भावना को एक बार फिर राष्ट्रीय चेतना से जोड़ा गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए वंदे मातरम के सामूहिक गायन को ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार लालकिले पर वंदे मातरम की गूंज सुनाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जब देश इस राष्ट्रीय गीत की 150 वर्ष की यात्रा को याद कर रहा है, तब इससे बेहतर अवसर नहीं हो सकता।
वंदे मातरम के सामूहिक गायन के बाद भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर भी आसमान में नजर आए। इनमें से एक हेलीकॉप्टर वंदे मातरम का झंडा लेकर उड़ान भरता दिखाई दिया। इस दृश्य ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को और भव्य बना दिया और कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला।
लालकिले के सामने ज्ञानपथ पर वंदे मातरम की आकृति भी तैयार की गई थी। इस विशेष प्रस्तुति में सेना, नौसेना और वायुसेना के कैडेटों के साथ मेरा भारत के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। करीब 2,500 लड़के और लड़कियों की भागीदारी से तैयार इस प्रस्तुति ने राष्ट्रीय गीत की भावना को एक विशेष दृश्य रूप दिया। समारोह की थीम विकसित भारत @2047 को प्रदर्शित करने के लिए ज्ञानपथ पर विशेष दृश्य व्यवस्थाएं भी की गई थीं।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह लालकिले के प्रांगण में पहुंचे, जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी का परिचय प्रधानमंत्री से कराया गया। जीओसी प्रधानमंत्री को सलामी मंच तक लेकर गए, जहां तीनों सेनाओं और दिल्ली पुलिस के संयुक्त दल ने प्रधानमंत्री को जनरल सैल्यूट दिया।
इसके बाद प्रधानमंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया और लालकिले की प्राचीर पर पहुंचे। यहां उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। कैप्टन सोनिया सिंह चौहान ने ध्वजारोहण के दौरान प्रधानमंत्री की सहायता की। ध्वजारोहण के साथ राष्ट्रगान की धुन गूंजी और समारोह का औपचारिक रूप से शुभारंभ हुआ।
तिरंगा फहराए जाने के साथ ही 1721 फील्ड बैटरी सेरेमोनियल की ओर से 21 तोपों की सलामी दी गई। इस दौरान स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल किया गया। सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत ने संभाली। वंदे मातरम के 150 वर्ष और स्वतंत्रता दिवस समारोह के भव्य आयोजन ने इस पूरे कार्यक्रम को देश की ऐतिहासिक विरासत, सैन्य परंपरा और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ दिया।
