10 लाख से 100 करोड़ तक का सफर, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया बड़ा ऐलान

बॉक्स ऑफिस की दुनिया में कई बार ऐसी चमत्कारिक कहानियां देखने को मिलती हैं जो हर किसी को हैरान कर देती हैं। एक ऐसी ही आध्यात्मिक और प्रेरणादायक फिल्म इन दिनों सिनेमाघरों में तहलका मचा रही है, जिसकी शुरुआत बेहद खराब रही थी। रिलीज के पहले दिन इस फिल्म को देखने के लिए थिएटर में नाममात्र के दर्शक ही पहुंचे थे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि यह फिल्म सिर्फ बीस सिनेमाघरों तक सिमट कर रह गई थी और इसे फ्लॉप माना जाने लगा था।
शुरुआती दौर में इस फिल्म ने महज दस लाख रुपये की मामूली ओपनिंग ली थी। हालांकि, जैसे-जैसे समय बीतता गया, फिल्म की कहानी और इसके आध्यात्मिक संदेश की चर्चा लोगों के बीच आग की तरह फैल गई। मजबूत माउथ पब्लिसिटी के दम पर दर्शकों की भीड़ सिनेमाघरों की तरफ उमड़ने लगी। जो फिल्म सिनेमाघरों से बाहर होने की कगार पर थी, उसने ऐसा जबरदस्त उछाल मारा कि अब इसका कुल कलेक्शन सौ करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को छूने के करीब पहुंच चुका है।
फिल्म की इस अभूतपूर्व सफलता और इसके गहरे सामाजिक संदेश को देखते हुए राज्य के प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने परिवार, कैबिनेट मंत्रियों और राज्य के विधायकों के साथ देहरादून स्थित एक सिनेमाघर में यह फिल्म देखी। थिएटर से बाहर निकलने के बाद उन्होंने इस अनुभव को बेहद खास बताया।
फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक विचार साझा करते हुए कहा कि इस सिनेमाई प्रस्तुति के माध्यम से महान संत बाबा नीम करोली महाराज के जीवन, उनकी तपस्या, त्याग और हनुमान जी के प्रति उनकी अटूट भक्ति को बहुत करीब से समझने का अवसर मिलता है। उनका संपूर्ण जीवन मानवता की निस्वार्थ सेवा और समाज कल्याण के लिए समर्पित रहा। फिल्म की पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने इस फिल्म को पूरे उत्तराखंड राज्य में टैक्स-फ्री घोषित करने का बड़ा निर्णय लिया।
टैक्स-फ्री होने के निर्णय के बाद अब राज्य के अधिक से अधिक लोग कम दरों पर इस फिल्म को सिनेमाघरों में देख सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी प्रोत्साहन और टैक्स में छूट मिलने के बाद इस फिल्म के कलेक्शन में और अधिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। एक फ्लॉप होने जा रही फिल्म का सौ करोड़ के क्लब में शामिल होना और फिर राज्य स्तर पर टैक्स-फ्री होना भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक बड़ी मिसाल बन गया है।
