यूपी, बिहार, उत्तराखंड समेत 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 70-80 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं

देशभर में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है और आने वाले चार दिन कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग ने 8 सितंबर से 11 सितंबर तक उत्तर, पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के करीब 20 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।
मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। खासकर नदी किनारे रहने वाले लोगों और पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
8 से 11 सितंबर तक इन राज्यों में बारिश का बड़ा असर
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर समेत करीब 20 राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।
इन राज्यों के कई जिलों में लगातार बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
यूपी और बिहार में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिम और मध्य हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कई जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चल सकती है। वहीं बिहार के उत्तरी और पूर्वी जिलों में भी मूसलाधार बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है।
प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह देने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तराखंड और हिमालयी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।
कई पहाड़ी सड़कों पर पत्थर गिरने और मार्ग बाधित होने की आशंका भी जताई गई है। स्थानीय प्रशासन को आपदा प्रबंधन की तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।
70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज आंधी की चेतावनी जारी की है। अनुमान है कि कुछ इलाकों में हवा की गति 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा भी बना हुआ है।
लोगों को खुले स्थानों, कमजोर इमारतों और बड़े पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
पूर्वी भारत में वज्रपात और बिजली गिरने का खतरा
पूर्वी भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम के कई हिस्सों में वज्रपात का खतरा अधिक बताया गया है।
किसानों और खुले मैदान में काम करने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से बढ़ी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में मौसम प्रणाली सक्रिय होने से पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। इसके अलावा उत्तर-पूर्व असम और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
सौराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों में भी एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जिसका असर पश्चिम भारत के मौसम पर पड़ सकता है।
तापमान में 4 से 5 डिग्री तक गिरावट संभव
लगातार बारिश और बादलों की वजह से कई राज्यों में अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी, लेकिन लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
- मौसम विभाग की चेतावनी और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
- भारी बारिश के दौरान नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
- पहाड़ी इलाकों की यात्रा से पहले मौसम की स्थिति जरूर जांचें।
- तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें।
- जरूरी होने पर ही यात्रा करें और आपातकालीन स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
आने वाले चार दिनों में मानसून का असर कई राज्यों में तेज रहने की संभावना है। ऐसे में सतर्कता और समय पर मौसम अपडेट पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा ताकि किसी भी संभावित जोखिम से बचा जा सके।
