राजस्थान पहले चरण की वोटिंग शुरू, 309 निकायों में ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ का बड़ा चुनावी मुकाबला

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव 2026 के पहले चरण के लिए मतदान शुरू हो गया है। राज्य में पहली बार ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ मॉडल के तहत बड़े स्तर पर शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव कराए जा रहे हैं। इस चरण में प्रदेश के कई नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के लिए मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। चुनाव को लेकर सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाताओं ने उत्साह के साथ भागीदारी शुरू की।
‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ मॉडल की पहली बड़ी परीक्षा
राजस्थान सरकार ने इस बार सभी नगरीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने का फैसला लिया है। इसी व्यवस्था को ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ नाम दिया गया है। इस मॉडल का उद्देश्य अलग-अलग समय पर होने वाले चुनावों की प्रक्रिया को सरल बनाना, प्रशासनिक खर्च कम करना और चुनावी व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
राज्यभर में कुल 309 नगरीय निकायों में चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाएं शामिल हैं। पहले चरण के मतदान के साथ चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण दौर शुरू हो गया है।
सुबह से मतदान केंद्रों पर दिखा उत्साह
मतदान शुरू होने के साथ ही विभिन्न शहरों और कस्बों में मतदाता मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों में भी मतदान को लेकर अच्छा उत्साह देखा गया। कई स्थानों पर मतदाताओं ने सुबह के समय ही वोट डालना पसंद किया ताकि बाद में भीड़ से बचा जा सके।
चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला
राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। दोनों दलों ने चुनाव प्रचार के दौरान विकास, शहरी सुविधाएं, सड़क, पानी, सफाई, रोजगार और आधारभूत ढांचे जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
इसके अलावा कई जगहों पर क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी मुकाबले को रोचक बना दिया है। स्थानीय मुद्दों के कारण कई सीटों पर त्रिकोणीय और बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।
मतदान प्रक्रिया पर प्रशासन की विशेष नजर
मतदान को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की हैं। मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के जरिए मतदान कराया जा रहा है। अधिकारियों की टीमें लगातार विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं और किसी भी शिकायत या तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान किया जा रहा है।
मतदाताओं की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क, पेयजल, छाया और अन्य बुनियादी व्यवस्थाएं भी की गई हैं। प्रशासन ने लोगों से अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की है।
चुनाव परिणामों पर रहेगी पूरे राज्य की नजर
नगरीय निकाय चुनावों को राजस्थान की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन चुनावों के नतीजे राज्य की शहरी राजनीति की दिशा तय करने के साथ-साथ प्रमुख राजनीतिक दलों की संगठनात्मक ताकत का भी संकेत देंगे।
मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराई जाएगी। इसके बाद सभी निकायों के परिणाम घोषित किए जाएंगे और यह स्पष्ट होगा कि शहरी क्षेत्रों में किस दल को सबसे ज्यादा जनसमर्थन मिला।
