ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से पहले दिल्ली एयरपोर्ट की बड़ी तैयारी, टर्मिनल-3 की क्षमता बढ़ी, विदेशी यात्रियों के लिए खास इंतजाम

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 को लेकर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दुनिया के कई देशों से आने वाले प्रतिनिधिमंडलों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट पर संचालन क्षमता बढ़ाने के साथ सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है। सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए टर्मिनल-3 में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर विशेष तैयारी

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय यात्री दिल्ली पहुंचेंगे। इसे देखते हुए दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड ने एयरपोर्ट पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं लागू की हैं। अधिकारियों का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों को आगमन और प्रस्थान के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो और पूरी प्रक्रिया तेज तथा सुरक्षित बनी रहे।

टर्मिनल-3 का पियर-सी शुरू होने जा रहा है

सम्मेलन की तैयारियों के तहत टर्मिनल-3 के पियर-सी को चरणबद्ध तरीके से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए शुरू किया जा रहा है। पहले चरण में यहां अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आगमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय आगमन और प्रस्थान दोनों सेवाएं इसी हिस्से से संचालित होने लगेंगी।

पियर-सी के पूरी तरह चालू होने के बाद टर्मिनल-3 की अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को संभालने की क्षमता में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इससे एयरपोर्ट की वार्षिक क्षमता बढ़कर करीब 3.1 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों तक पहुंच जाएगी।

विदेशी प्रतिनिधियों के लिए विशेष इमिग्रेशन काउंटर

ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों और अन्य आधिकारिक मेहमानों के लिए एयरपोर्ट पर विशेष इमिग्रेशन काउंटर बनाए जा रहे हैं। इन काउंटरों का उद्देश्य आव्रजन प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाना है ताकि विदेशी प्रतिनिधियों को कम समय में सभी औपचारिकताएं पूरी कराई जा सकें।

इसके अलावा वीआईपी मूवमेंट और आधिकारिक प्रतिनिधिमंडलों के लिए अलग समन्वय व्यवस्था भी तैयार की गई है।

विमान पार्किंग और उड़ानों के संचालन पर विशेष फोकस

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए एयरपोर्ट पर विमानों के उतरने और पार्किंग की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। एयर ट्रैफिक संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित एजेंसियों और एयरलाइंस के साथ समन्वय बढ़ाया गया है।

दिल्ली एयरपोर्ट पहले से ही प्रतिदिन 1,300 से अधिक उड़ानों का संचालन संभालता है। ऐसे में सम्मेलन के दौरान बढ़ने वाले अतिरिक्त हवाई यातायात के लिए अलग परिचालन योजना तैयार की गई है।

सुरक्षा और यात्रियों के अनुभव पर विशेष ध्यान

एयरपोर्ट प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों, एयरलाइंस, इमिग्रेशन विभाग और अन्य परिचालन हितधारकों के साथ मिलकर व्यापक तैयारियां की हैं। सम्मेलन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा, तेज चेक-इन प्रक्रिया और बेहतर भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी भी तैनात किए जाएंगे।

साथ ही अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को दिशा-निर्देश, सहायता सेवाएं और डिजिटल सूचना प्रणाली के जरिए बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।

भारत मंडपम में होगा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा, जहां सदस्य देशों के शीर्ष नेता और प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेंगे। सम्मेलन के कारण राजधानी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गतिविधियां बढ़ेंगी और एयरपोर्ट पर भी यात्रियों का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहने की उम्मीद है।

इन तैयारियों का उद्देश्य केवल सम्मेलन का सफल संचालन नहीं, बल्कि दिल्ली एयरपोर्ट की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय क्षमता और विश्वस्तरीय यात्री सेवाओं को भी मजबूत करना है।

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