ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वैश्विक स्वास्थ्य और व्यापार पर बड़ा मंथन, डब्ल्यूएचओ और डब्ल्यूटीओ प्रमुखों ने भारत के रुख की सराहना की

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सुधार लाने को लेकर गहन चर्चा हुई। इस सम्मेलन के दौरान भारत की मेजबानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की वैश्विक मंच पर व्यापक सराहना की गई है।
वैश्विक स्वास्थ्य के लिए ब्रिक्स देशों का साझा संकल्प
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने भारत द्वारा किए गए आतिथ्य सत्कार के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वैश्विक स्तर पर सभी नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में ब्रिक्स देशों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई दिल्ली में सर्वसम्मति से स्वीकार किए गए घोषणापत्र में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, मजबूत स्वास्थ्य ढांचे के निर्माण और भविष्य की महामारियों से निपटने के लिए एक साझा रणनीति तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया है।
टीबी उन्मूलन और डिजिटल स्वास्थ्य तकनीकों पर विशेष ध्यान
इस घोषणापत्र में टीबी जैसी गंभीर बीमारी को समाप्त करने के लिए वैश्विक स्तर पर निरंतर निवेश, वैज्ञानिक अनुसंधान और आपस में तकनीकी अनुभव साझा करने की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है। इसके अतिरिक्त, पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जोड़ने, डिजिटल हेल्थ तकनीकों को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य कर्मचारियों की क्षमताओं को बेहतर बनाने के संकल्प को दोहराया गया है। ब्रिक्स नेताओं ने माना कि अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में विश्व स्वास्थ्य संगठन की समन्वयकारी भूमिका मुख्य आधार है।
बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली और डब्ल्यूटीओ में आवश्यक सुधार
स्वास्थ्य क्षेत्र के अलावा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी शिखर सम्मेलन में विस्तार से बात हुई। विश्व व्यापार संगठन की प्रमुख ने भी भारतीय प्रधानमंत्री के साथ हुई अपनी द्विपक्षीय बातचीत की सराहना की। उन्होंने बताया कि वार्ता के दौरान बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के समक्ष मौजूद चुनौतियों, नए अवसरों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन में आवश्यक सुधारों पर सार्थक चर्चा हुई। भारत ने एक पारदर्शी, समावेशी और सुदृढ़ बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है।
भारत की अध्यक्षता में मानव केंद्रित दृष्टिकोण को प्राथमिकता
वर्ष 2026 के लिए ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाल रहे भारत ने इस शिखर सम्मेलन के माध्यम से वैश्विक संवाद को एक नई दिशा दी है। भारत की अध्यक्षता का मूल विचार लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता के सिद्धांतों पर आधारित है, जो मानव केंद्रित दृष्टिकोण को प्राथमिकता देता है। दो दिवसीय इस आयोजन के दौरान सदस्य देशों ने आपसी सहयोग बढ़ाने, साझा चुनौतियों का समाधान खोजने और विकासशील देशों के हितों की रक्षा करने का सामूहिक संकल्प लिया है।
