मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन तेज बारिश का अलर्ट, नर्मदापुरम समेत 3 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। अब मौसम का मिजाज और बदलने की संभावना है। आने वाले चार दिनों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने 15 अगस्त को खासतौर पर कई जिलों के लिए बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है।
15 अगस्त को नर्मदापुरम, उमरिया और छतरपुर में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है। मौसम का यह सिस्टम कई इलाकों में थोड़े समय के लिए काफी तेज बारिश करा सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 15 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 16 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक नर्मदापुरम, उमरिया और छतरपुर में अति भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान जैसी स्थिति बनने की संभावना है। इस दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को गरज-चमक के दौरान सुरक्षित जगह पर रहने की जरूरत होगी।
मंडला में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। तेज हवा के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, बिजली के तार प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर आवागमन में परेशानी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
मंदसौर में भी भारी बारिश और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की गई है। बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। खासतौर पर खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे मौजूद लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम में बदलाव पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक मानसूनी गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। कई जिलों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बौछारें पड़ने की उम्मीद है। लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। जिन इलाकों में पहले से जलभराव की समस्या है, वहां परेशानी और बढ़ सकती है।
मध्य प्रदेश में अगस्त के दौरान मानसून की गतिविधियां लगातार बदलती रही हैं। कभी बारिश की रफ्तार कम हुई तो कभी कई जिलों में तेज बारिश का दौर देखने को मिला। अब एक बार फिर बारिश के सक्रिय होने से प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम सुहावना हो सकता है, लेकिन तेज बारिश और वज्रपात के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। तेज गरज-चमक के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों और खुले स्थानों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा। वहीं तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
