राज्यसभा चुनाव उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की 12 सीटों पर 16 अक्टूबर को वोटिंग, जानें पूरा शेड्यूल

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देश के तीन प्रमुख राज्यों में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों को भरने के लिए चुनावी प्रक्रिया की समयसारणी घोषित कर दी गई है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में कुल बारह सीटों पर जनप्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा। इसमें उत्तर प्रदेश की दस सीटों और उत्तराखंड की एक सीट पर नियमित दो वर्ष में होने वाले चुनाव संपन्न होंगे। वहीं पश्चिम बंगाल में खाली हुई एक सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इन सभी बारह सीटों पर एक ही दिन यानी सोलह अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा।

चुनाव कराने का मुख्य कारण और पृष्ठभूमि

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ग्यारह राज्यसभा सांसदों का छह साल का कार्यकाल नवंबर दो हजार छब्बीस में समाप्त होने जा रहा है। इसी संवैधानिक आवश्यकता को पूरा करने के लिए इन सीटों पर नियमित चुनाव कराए जा रहे हैं। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की एक सीट पर विशेष परिस्थिति के कारण उपचुनाव की नौबत आई है। यहां से सांसद रुक्मिणी मल्लिक ने सोहल जुलाई को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। उनका कार्यकाल दो अप्रैल दो हजार बत्तीस तक बचा हुआ था। उनके इस्तीफे से रिक्त हुई सीट को भरने के लिए आयोग यह उपचुनाव करा रहा है।

नामांकन और चुनावी प्रक्रिया की समयसारणी

चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत उनतीस सितंबर को आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के साथ होगी। इच्छुक उम्मीदवार छह अक्टूबर तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की जांच सात अक्टूबर को की जाएगी। यदि कोई प्रत्याशी अपना नाम वापस लेना चाहता है तो उसके लिए नौ अक्टूबर शुक्रवार तक का समय निर्धारित किया गया है। नामांकनों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद चुनाव मैदान की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।

मतदान और मतगणना की तय तिथियां

सभी बारह सीटों के लिए वोट डालने का काम सोलह अक्टूबर को पूरा किया जाएगा। मतदान सुबह नौ बजे से शुरू होकर शाम चार बजे तक चलेगा। वोटिंग खत्म होने के ठीक एक घंटे बाद यानी शाम पांच बजे से मतों की गिनती का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। नतीजों की घोषणा के साथ ही पूरी चुनावी प्रक्रिया को उन्नीस अक्टूबर तक संपन्न कर लेने का लक्ष्य रखा गया है।

विशेष पेन का नियम और आयोग के दिशानिर्देश

मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए एक विशेष नियम लागू किया गया है। वोट दर्ज करने के लिए विधायकों को केवल एक खास बैगनी रंग के स्केच पेन का इस्तेमाल करना होगा। यह पेन उन्हें मतदान केंद्र पर रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा दिया जाएगा। किसी भी अन्य पेन या पेंसिल से मार्क किया गया वोट अमान्य माना जाएगा। इसके अलावा चुनाव में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए स्वतंत्र पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे जो पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।

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