सेंट्रल रेलवे का बड़ा एक्शन पकड़े गए 18 लाख से ज्यादा बिना टिकट यात्री, वसूला 140 करोड़ रुपये का जुर्माना

भारतीय रेलवे के सेंट्रल रेलवे मंडल ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और सघन चेकिंग अभियान चलाया है। पिछले पांच महीनों के दौरान चलाए गए इस विशेष अभियान में रेलवे ने अठारह लाख से अधिक ऐसे यात्रियों को पकड़ा है जो बिना वैध टिकट के ट्रेनों में सफर कर रहे थे। इस सख्त कार्रवाई के जरिए रेलवे प्रशासन ने जुर्माने के रूप में एक सौ चालीस करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूल की है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कदम उन ईमानदार यात्रियों के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाया गया है जो नियमपूर्वक टिकट खरीदकर यात्रा करते हैं।
सघन चेकिंग अभियान और रेलवे का सख्त रुख
सेंट्रल रेलवे ने अपने विभिन्न मंडलों में टिकट जांच की प्रक्रिया को अत्यधिक सख्त कर दिया है। मुख्य रेलवे स्टेशनों से लेकर लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों में नियमित रूप से औचक निरीक्षण किया जा रहा है। जांच टीमों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं ताकि बिना टिकट सफर करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा न जाए। इस अभियान के कारण ट्रेनों में अनावश्यक भीड़भाड़ पर अंकुश लगाने में भी मदद मिल रही है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों को जागरूक करने के साथ-साथ यह सख्त कदम उठाना अनिवार्य हो गया था ताकि सरकारी राजस्व का नुकसान रोका जा सके।
विभिन्न श्रेणियों में वसूला गया जुर्माना
पांच महीनों के इस आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि बिना टिकट यात्रा करने वालों के अलावा अनधिकृत रूप से सामान ले जाने वाले और गलत श्रेणी के कोच में सफर करने वाले यात्रियों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है। स्लीपर और एसी कोचों में जनरल टिकट लेकर चढ़ने वाले लोगों पर भी जुर्माना लगाया गया है। इस कार्रवाई से न केवल रेलवे के खजाने में भारी बढ़ोतरी हुई है, बल्कि नियम तोड़ने वाले यात्रियों में एक सख्त संदेश भी गया है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के अभियानों से यात्रियों में कानून का पालन करने की प्रवृत्ति बढ़ेगी।
मुंबई लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों पर विशेष नजर
सेंट्रल रेलवे के अंतर्गत आने वाले मुंबई उपनगरीय नेटवर्क यानी लोकल ट्रेनों में सबसे ज्यादा टिकट चेकिंग स्टाफ तैनात किया गया था। व्यस्त समय के दौरान स्टेशनों के निकास द्वारों पर नाकाबंदी करके जांच की गई। इसके अतिरिक्त, लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में टीटीई की टीमों द्वारा हर डिब्बे की सघन तलाशी ली गई। इस दौरान डिजिटल जुर्माना भुगतान प्रणाली का भी व्यापक उपयोग किया गया, जिससे यात्रियों से तुरंत और पारदर्शी तरीके से पेनल्टी की राशि वसूल की जा सकी।
यात्रियों से अपील और भविष्य की योजनाएं
रेलवे प्रशासन ने सभी रेल यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें। उचित टिकट के बिना यात्रा करना न केवल एक दंडनीय अपराध है, बल्कि यह साथी यात्रियों के लिए भी असुविधा का कारण बनता है। आने वाले त्योहारी सीजन को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने इस चेकिंग अभियान को और अधिक तेज करने का निर्णय लिया है। आने वाले दिनों में प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा ताकि स्टेशन परिसर और ट्रेनों के अंदर किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि को रोका जा सके।
