दिल्ली पुलिस ने मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ दर्ज की NCR, थप्पड़ कांड और सड़क निरीक्षण विवाद में BNS धारा 115 के तहत कार्रवाई

राजधानी में तिलक नगर क्षेत्र की एक नव निर्मित सड़क के निरीक्षण के दौरान हुआ विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। स्थानीय पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग के मंत्री के खिलाफ असंग्येय अपराध रिपोर्ट यानी नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 के तहत की गई है, जो स्वेच्छा से किसी को चोट पहुंचाने से संबंधित है। घटना के दौरान थप्पड़ मारे जाने और तीखी बहस होने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर हुआ विवाद
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब मंत्री अपनी टीम और समर्थकों के साथ क्षेत्र में नव निर्मित सड़क का जायजा लेने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय विधायक और उनके सहयोगियों ने सड़क निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि नई बनी सड़क का डामर हाथ से ही उखड़ा जा रहा है, जो खराब गुणवत्ता और वित्तीय गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। इसी दौरान वहां रिकॉर्डिंग कर रहे एक युवक और मंत्री के बीच कहासुनी हो गई।
वीडियो रिकॉर्डिंग और हाथ उठाने का आरोप
शिकायतकर्ता युवक का आरोप है कि जब वह मौके पर पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल से बना रहा था, तब मंत्री ने अचानक उसका फोन छीन लिया और उस पर हाथ उठा दिया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री के सुरक्षाकर्मियों और सहयोगियों ने उसके साथ धक्का-मुक्की की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने दावा किया है कि यदि उसके द्वारा किसी भी तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल साबित होता है, तो वह किसी भी जांच का सामना करने को तैयार है।
पारिवारिक अभद्रता और कमीशन मांगने का पलटवार
दूसरी ओर, मंत्री ने अपने बचाव में पूरे घटनाक्रम का एक अलग पहलू पेश किया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसमें पूरी सच्चाई नहीं दिखाई गई है। मंत्री का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान विरोधी दल के कार्यकर्ताओं ने उनके और उनके परिवार के प्रति बेहद अमर्यादित और अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक सड़क परियोजनाओं में अनुचित कमीशन की मांग कर रहे थे और सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश कर रहे थे।
दोनों पक्षों की ओर से मिली कई शिकायतें
मामला केवल एक पक्ष तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों राजनीतिक दलों की ओर से पुलिस के पास कई शिकायतें पहुंची हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्र के अलग-अलग थानों में कुल मिलाकर पांच शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। इनमें से कुछ शिकायतें मंत्री के साथ हुई अभद्रता और सरकारी काम में रुकावट डालने को लेकर भी हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे सभी प्राप्त शिकायतों और घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी व मोबाइल फुटेज का बारीक अध्ययन कर रहे हैं।
राजनीतिक हलचल और जांच की मांग
इस पूरे विवाद के सामने आने के बाद राजधानी का राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है। विपक्षी दलों ने मंत्री के इस आचरण की कड़ी निंदा करते हुए उनके इस्तीफे और कड़े कानूनी कदम उठाने की मांग की है। वहीं दूसरी तरफ सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि विकास कार्यों को रोकने के लिए जानबूझकर यह साजिश रची गई थी। फिलहाल पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर मामले की कानूनी जांच आगे बढ़ा दी है और परिस्थितियों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जा रहा है।
