भारतीय पायलट स्मित मच्छार की जांबाजी से टली बड़ी त्रासदी, पीएम मोदी ने फोन पर की बात

दुबई से तेल अवीव की ओर उड़ान भर रहे विमान में अचानक स्थिति तब बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब कॉकपिट के भीतर ही एक गंभीर संकट पैदा हो गया। उस समय विमान में सैकड़ों यात्री सवार थे और आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर हर पल कीमती था। को-पायलट द्वारा अचानक किए गए हमले के कारण मुख्य पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, इस बेहद डरावनी स्थिति के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने जिस तरह से हिम्मत और सूझबूझ दिखाई, उसने एक बहुत बड़े हादसे को टाल दिया। शरीर पर गहरे घाव और लगातार बहते खून के बावजूद उनका पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा पर था।
कॉकपिट में हुए अचानक हमले के बाद जीवन और मृत्यु के बीच झूलते हुए भी उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने तुरंत अपनी सूझबूझ का परिचय दिया और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर बाहर मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सतर्क किया। विमान में सवार इजरायली नागरिकों और क्रू के सदस्यों ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझा और हमलावर को काबू में करने में मदद की। इस साहसिक कदम की बदौलत विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतारा गया, जहाँ घायल पायलट को तुरंत नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद जब इस बहादुरी की खबर भारत पहुँची, तो हर देशवासी का सिर गर्व से ऊँचा हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अस्पताल में भर्ती कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात कर उनके स्वास्थ्य का हालचाल लिया। प्रधानमंत्री ने बातचीत में उनके असाधारण साहस की सराहना की और कहा कि उन्होंने अपने जीवन की परवाह न करते हुए दूसरों की जान बचाई है। इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि इस कदम से पूरे विश्व में भारतीय नागरिकों और पायलटों की साख और सम्मान में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
फोन पर प्रधानमंत्री से बात करते हुए कैप्टन स्मित मच्छार बेहद भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उनके सबसे बड़े प्रेरणास्रोत हैं और खुद प्रधानमंत्री का फोन आना उनके लिए जीवन का सबसे गौरवान्वित करने वाला क्षण है। उन्होंने कहा कि इतनी विषम परिस्थितियों में भी जब उन्हें अपने देश की मिट्टी और संस्कारों का ध्यान आया, तो उन्हें मुकाबला करने की असीम शक्ति मिली। देश के शीर्ष नेतृत्व से मिले इस प्रोत्साहन ने उनके हौसले को कई गुना बढ़ा दिया है।
प्रधानमंत्री ने पायलट के परिवार से हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए बताया कि उनकी माता के दिए गए संस्कार ही इस वीरता का मुख्य आधार हैं। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में इस घटना की चर्चा हो रही है और देश का हर नागरिक उनकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहा है। इसके साथ ही भारत सरकार ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की सरकारों का भी आभार जताया, जिन्होंने घटना के तुरंत बाद बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं और सुरक्षा सहायता प्रदान की। फिलहाल भारतीय मिशन लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है ताकि पायलट को हर संभव सहायता मिलती रहे।
