मुंबई में प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को पुलिस स्टेशन ले जाया गया, 2 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन का दिया था अल्टीमेटम

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मुंबई के प्रसिद्ध मरीन ड्राइव इलाके में प्रस्तावित एक बड़े विरोध प्रदर्शन से ठीक एक दिन पहले राजनीतिक और सामाजिक हलचल काफी तेज हो गई। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को मरीन ड्राइव पर प्रदर्शन की तैयारियों के दौरान पुलिस टीम द्वारा पुलिस स्टेशन ले जाया गया। यह पूरा घटनाक्रम 2 अक्टूबर को होने वाले राष्ट्रव्यापी आंदोलन के आह्वान से ठीक पहले सामने आया है, जिसके कारण इलाके में सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हो गए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, दिपके अपने कुछ समर्थकों के साथ मरीन ड्राइव के आसपास प्लेकार्ड लेकर एकत्रित हुए थे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुँची और उन्हें वैन में बैठाकर मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन ले गई।

पुलिस स्टेशन ले जाए जाने की घटना और दावे

इस पूरी घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग बातें सामने आई हैं। दिपके का दावा है कि एक महिला अधिकारी ने उन्हें चाय का आमंत्रण देकर साथ चलने को कहा था और फिर थाने ले जाकर कुछ समय तक बिठाकर रखा गया। उनका आरोप है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य उनके आंदोलन की तैयारियों को बाधित करना और उनका समय बर्बाद करना था।

दूसरी तरफ, पुलिस प्रशासन ने इस बात को स्पष्ट किया कि यह कोई औपचारिक गिरफ्तारी या हिरासत नहीं थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिपके मरीन ड्राइव पर मौजूद होकर आम लोगों से बातचीत कर रहे थे और वहां तैनात पुलिसकर्मियों से सवाल पूछ रहे थे। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से केवल बातचीत के लिए उन्हें थाने लाया गया था और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जाने दिया गया।

इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन का बड़ा ऐलान

इस घटनाक्रम की पृष्ठभूमि काफी समय से तैयार हो रही थी। संस्था के प्रमुख ने सरकारी प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराने का फैसला किया था। उनकी मुख्य मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा शामिल है, जिसको लेकर 2 अक्टूबर को एक बड़े विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया गया था।

थाने से बाहर आने के बाद दिपके ने अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया। उन्होंने पुलिस स्टेशन से छूटने के तुरंत बाद चेंबूर स्थिति अंबेडकर हॉस्टल पहुँचकर छात्रों और समर्थकों से मुलाकात की और अपने प्रस्तावित प्रदर्शन की रणनीति पर चर्चा की।

सुरक्षा व्यवस्था सतर्क और पुलिस की पैनी नजर

आगामी प्रदर्शनों को देखते हुए मुंबई पुलिस किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। शहर के प्रमुख और संवेदनशील सार्वजनिक स्थलों पर गश्त बढ़ा दी गई है ताकि आम नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो और कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बनी रहे।

प्रशासन का कहना है कि किसी भी गैर-कानूनी जमावड़े या बिना अनुमति के प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल मरीन ड्राइव और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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