अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर ‘सदैव अटल’ में उमड़ा श्रद्धांजलि का सैलाब दिग्गज नेताओं ने किया नमन

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देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर रविवार को नई दिल्ली स्थित उनके स्मारक ‘सदैव अटल’ पर श्रद्धांजलि देने के लिए देश के शीर्ष नेता पहुंचे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री को पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित प्रार्थना सभा में भी नेताओं ने हिस्सा लिया।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। सभी ने अटल बिहारी वाजपेयी के देश के प्रति योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के उन नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन के दौरान अलग पहचान बनाई। वे तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने पहली बार वर्ष 1996 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन उनकी सरकार कुछ ही समय तक चल सकी। इसके बाद उन्होंने 1998 से 1999 तक प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया। वर्ष 1999 में वे फिर प्रधानमंत्री बने और 2004 तक इस पद पर रहे।

वाजपेयी को उनकी प्रभावशाली वाक्पटुता, संसदीय समझ और राजनीतिक दूरदर्शिता के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। वे भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक नेताओं में शामिल थे और पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत आधार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में देश ने बुनियादी ढांचे, आर्थिक नीति, कूटनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम देखे।

अटल बिहारी वाजपेयी की पहचान केवल एक राजनेता के तौर पर नहीं थी। वे हिंदी के लोकप्रिय कवि भी थे और उनकी कविताओं में राष्ट्र, समाज, संघर्ष और मानवीय संवेदनाओं की झलक दिखाई देती थी। उनके व्यक्तित्व और राजनीतिक शैली को लेकर अलग-अलग विचारधाराओं के नेताओं के बीच भी सम्मान का भाव देखने को मिलता था। यही वजह है कि उनके निधन के बाद भी उनका नाम भारतीय राजनीति के सबसे सम्मानित नेताओं में लिया जाता है।

देश के लिए उनके लंबे योगदान और सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका को देखते हुए वर्ष 2015 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान की व्यापक स्वीकृति के रूप में देखा गया।

अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्त 2018 को 93 वर्ष की उम्र में हुआ था। उनकी पुण्यतिथि हर वर्ष उनके जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करने का अवसर बनती है। ‘सदैव अटल’ पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भी यही भाव दिखाई दिया, जहां देश के शीर्ष नेताओं ने उन्हें नमन करते हुए उनकी विरासत को याद किया।

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