भारत-बांग्लादेश सीमा पर सोने की बड़ी तस्करी का पर्दाफाश, करोड़ों का सोना जब्त और चार आरोपी गिरफ्तार

सीमावर्ती इलाकों में सोने की बड़ी तस्करी का पर्दाफाश
अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों और तस्करी पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। सीमा सुरक्षा और खुफिया तंत्र ने मिलकर एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है जो पड़ोसी देश के रास्ते कीमती धातुओं को अवैध रूप से देश के भीतर लाने की कोशिश कर रहा था। इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में विदेशी सोना बरामद किया गया है, जिसकी बाजार कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है।
सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर की गई नाकेबंदी
यह पूरी कार्रवाई पूर्व में मिली एक पक्की और गोपनीय सूचना पर आधारित थी। जांच एजेंसियों को यह जानकारी मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग दोपहिया वाहनों का उपयोग करके सीमावर्ती इलाकों से अवैध सोने की एक बड़ी खेप देश के अंदरूनी हिस्सों में ले जाने की योजना बना रहे हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों की एक विशेष टीम का गठन किया गया और चिन्हित मार्गों पर सख्त निगरानी शुरू कर दी गई।
सीमावर्ती जिले में संदिग्धों को घेरा गया
निगरानी अभियान के दौरान पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती कूचबिहार जिले में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। जैसे ही तय रास्ते पर दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार लोग आते हुए दिखे, पहले से घात लगाकर बैठी जांच टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया। अधिकारियों को देखकर संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम की सतर्कता के कारण चारों व्यक्तियों को मौके पर ही धर दबोचा गया और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
तालाशी के दौरान बरामद हुई सोने की विशाल खेप
हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की जब सघन तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। उनके पास से कुल बहत्तर विदेशी सोने के बिस्किट बरामद किए गए। जब इन बिस्किटों का वजन कराया गया, तो प्रत्येक का भार एक सौ सोलह ग्राम निकला। कुल मिलाकर आठ किलोग्राम से अधिक वजन का सोना जब्त किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में अनुमानित कीमत करीब बारह करोड़ रुपये बताई जा रही है।
आरोपियों से जारी है सघन पूछताछ
मामले में गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को कानूनी प्रक्रियाओं के तहत हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह सोना किस रास्ते से सीमा पार से लाया गया था और इसे देश के किस शहर या व्यापारी तक पहुंचाया जाना था। अधिकारियों को संदेह है कि इसके पीछे एक संगठित अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह का हाथ हो सकता है।
तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने की योजना
इस सफल कार्रवाई के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त और जांच प्रक्रिया को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। जांच एजेंसियां अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों और मुख्य सरगना की पहचान करने में जुटी हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस जब्ती से अवैध सोने के कारोबार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क को गहरा झटका लगा है और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
